ब्रिटेन और फ्रांस के सहयोग से अमेरिका का सीरिया पर हमला, ईरान और रूस को भी चेतावनी दी।

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Air Strikes on Syria by America

(आई-एच) सीरिया पर रासायनिक हथियारों के प्रयोग के आरोप लगाने के बाद अमेरिका ने फ्रांस और ब्रिटेन के सहयोग से सीरिया पर हवाइ हमला कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सीरिया की राजधानी दमिश्क में हवाई हमले किए गए। बता दें कि अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीरिया पर एयर स्ट्राइक का आदेश एक शार्ट नोटिस के ज़रिये दिया। सीरिया के पूर्वी गोता के डौमा में हाल में सीरिया द्वारा रसायनिक हथियारों के इस्तेमाल को लेकर अमेरिका ने पहले ही असद सरकार को चेतावनी दी थी। अमेरिका का आरोप था की इस हमले में बच्चों सहित 75 लोग मारे गए थे। रासायनिक हमले को लेकर गुस्साए ट्रंप ने सीरिया के राष्ट्रपति असद को ‘जानवर’ तक कहकर संबोधित किया था। हालांकि 12 अप्रैल को सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद ने सीरिया पर हमले को लेकर पश्चिमी देशों को चेतावनी देते हुए कहा कि डौमा पर संदिग्ध रासायनिक हमले के आरोप गलत और झूठे हैं।

Syrian Civilian runs during bombing

बता दें कि हाल ही में अमेरिका ने सीरिया पर आरोप लगाया था की सीरिया ने डौमा में रासायनिक हथियारों के द्वारा हमला किया था जिसमें लगभग 75 लोगों की मौत हो गई थी। अमेरिका की तरफ से उस वक्त ही सीरिया के खिलाफ सख्ती से पेश आने की प्रतिक्रिया दी गई थी। ट्रंप ने अपने संबोधन में भी कहा कि रसायनिक हथियारों के प्रयोग के कारण ही अमेरिका ने सीरिया पर जवाबी कार्रवाई की है। अमेरिका की इस कार्रवाई में ब्रिटेन और फ्रांस का शामिल होना किसी बड़े युद्ध के संकेत मिल रहे हैं। क्यूँ के सीरिया के साथ ईरान और रूस खड़े हैं। ऐसे में डोनाल्ड ने ईरान और रूस को भी चेतावनी दी है।

ट्रंप ने सीरिया के राष्ट्रपति के लिए कहा, ‘यह किसी इंसान की हरकत नहीं हो सकती है। यह एक शैतान की इंसानियत के खिलाफ की गई हरकत है। आज की रात किए हमले के पीछे हमारा उद्देश्य रसायनिक हथियारों के निर्माण और प्रयोग करनेवालों को चेतावनी देनी। रसायनिक हथियारों का प्रयोग और निर्माण दोनों को रोकना हमारा उद्देश्य है।’

Us, france and Britain launch strike on syria

राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की तरफ से जारी किए गए आधिकारिक बयान में कहा गया, ब्रिटेन और फ्रांस के सहयोग और सहमति के आधार पर अमेरिका ने सीरिया पर हमले किये हैं और यह सैन्य कार्रवाई अभी जारी रहेगा। उन्होंने रूस को चेताते हुए यह भी कहा है कि यह हमला सीरिया के राष्ट्रपति असद को रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल से रोकने के लिए रूस की विफलता का सीधा परिणाम है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मिसाइल हमलों के निशाने पर सीरिया के कई ठिकाने हैं जिनमें थॉमहॉक क्रूज मिसाइल भी शामिल हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति ने सीरिया के साथ खड़े रहनेवाले ईरान और रूस को लेकर भी बेहद कड़े शब्दों का प्रयोग किया। उन्होंने कहा, ‘इन राष्ट्रों को सोचना होगा कि ये किस देश का साथ निभा रहे हैं। मासूम लोगों की जान लेनेवालों का आप कैसे साथ निभा सकते हैं?’

गौरतलब है की पिछले सात साल से सीरिया गृहयुद्ध में उलझा हुआ है। लाखों सीरियाई नागरिकों को दुनिया के दूसरे मुल्कों में शरण लेनी पड़ रही है। सीरिया के गृहयुद्ध जैसे हालात में अमेरिका की सैन्य कार्रवाई के साथ एक और प्रकरण जुड़ गया है।

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