डॉ कफील के भाई पर हमला पर क्या बोले अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्र नेता ?

0
224

डॉ कफील के भाई काशिफ जमील पर १० जून को दो अज्ञात मोटर साइकिल सवार युवकों ने तीन गोलीयां चलाई जिस के बाद वो मौत और ज़िंदगी के दरम्यान जूझ रहे हैं। इस भयावह और दुर्भाग्यपूर्ण घटना की कड़ी निंदा करते हुए अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्र संघ अध्यक्ष मश्कूर अहमद उस्मानी ने योगी आदित्यनाथ पे निशाना साधा. उनका कहना है कि जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर में २ दिन के लिए मौजूद थे तो ऐसी घटना कैसे हुई ? मुख्यमंत्री आवास से सिर्फ ५०० मीटर के दूरी पे काशिफ जमील को गोली मारी गयी. यह उत्तर प्रदेश प्रशासन की विफलता की सबसे बड़ी मिसाल है. योगी आदित्यनाथ पे इसी तरह के और कई सवालिया निशान उन्होने खड़े किये. उत्तर प्रदेश में बढ़ते अपराध और एनकाउंटर पे भी उन्होंने राज्य सरकार को शिकंजे में लिया.उन्होने कहा कि अगर मुख्यमंत्री जी से शासन नहीं संभलता है तो इस्तीफ़ा दें. मश्कूर उस्मानी ने आगे कहा के पानी अब सर से ऊपर हो गया है, राज्य में कोई सुरक्षित नही है, केंद्र सरकार और राष्ट्रपति को पत्र लिख कर वो आदित्यनाथ के इस्तीफे की मांग करेंगे. छात्र नेता सैय्यद हस्सनल हस्सानुल हक़ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जब से योगी सरकार आयी है तब से फ़र्ज़ी इंकॉउंटर का सैलाब आया हुआ तो है ही साथ ही दिन दहाड़े बेक़सूर लोगों को असामाजिक तत्त्व गोलियों से भून भी डालते हैं। क़ानून व्यवस्था और सुरक्षा नाम की कोई चीज़ नहीं रही इस प्रदेश में। अपनी कोताही को छुपाने के लिए योगी सरकार ने मासूम बच्चों की जान बचाने वाले डॉ कफील को जेल भेज दिया था जब
डॉ कफील ने जेल से वापस आ कर सरकार के दोषपूर्ण रवैय्ये को उजागर करना शुरू किया तो उनके भाई पर हमला कर के उन्हें चुप रहने का संदेश दिया जा रहा है। क्या यही बदलते भारत की तस्वीर है जहाँ एक बेक़सूर को महीनों जेल में डाला जाये और सच बोलने के जुर्म में डॉ कफील के परिवार को लहूलुहान किया जाए ?

Press Release

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here