कब तक जवानों की शहादत पर निंदा निंदा खेलेगी मोदी सरकार ??

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नई दिल्ली :(रहमत कलीम )केंद्र में एनडीए की सरकार बनने से पहले भाजपा वाले बार बार यह कहते थे की पाकिस्तान को उसी की भाषा में जवाब देना होगा। यहाँ तक की पीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी भी कहा करते थे की पाकिस्तान को लॉलीपॉप देना बंद करना होगा और अगर वो हमारे एक जवान को शहीद करते हैं तो हमें उनके 100 सर काटने होंगे। चुनाव प्रचार में यह भी दावा किया जाता रहा की 56 इंच की छाती वाले नरेंद्र मोदी के पीएम बनते ही पाकिस्तान के होश ठिकाने लग जाएंगे और वह भारत के खिलाफ नापाक हरकत करने से तौबा कर लेगा। लेकिन जब केंद्र में मोदी सरकार आ गई तो नहीं मालूम पीएम बनते ही मोदी ने पकिस्तान को सबक़ सिखाने और 100 सर काट कर लाने के वाले वादे को क्यों भुला दिया।


आंकड़े बताते हैं की पीएम मोदी की सरकार में सीमा पर चार वर्षों में हमारे जितने जवान को पाकिस्तान ने शहीद किया है ,यूपीए की सरकार के दस साल में उतने हमारे जवान शहीद नहीं हुए थे। हर दिन एक न एक जवान को पाकिस्तानी गोली का निशाना बनना पर रहा है और मोदी सरकार हर हमले के बाद निंदा निंदा करती रहती है। लेकिन ऐसे में बड़ा सवाल यह है की किया मोदी ने पाकिस्तान को सबक सिखाने वाले अपने सारे वादों को भुला दिया है। आम नागरिक आज यह सोचने पर मजबूर है की पाकिस्तान की इतनी हिम्मत कैसे हो रही है की वो हमरे जवान पर प्रतिदिन गोली दाग रहे हैं। और हमारी सरकार को किया हो गया है हर हमले के बाद निंदा करती है और आश्वासन दे कर लोगों को धोका देती है। किया मोदी सरकार की नियत पकिस्तान को सबक़ सिखाने की नहीं है। किया हमारे जवानों को रोज़ शहीद होते देखना चाहती है केंद्र की सरकार। अगर नहीं तो फिर जवाबी कार्रवाई इस अंदाज़ में क्यों नहीं करती के वो हमेशा के लिए चुप हो जाए।आखिर कब तक हम जवानों की शहादत पर निंदा निंदा खेलते रहेंगे। आखिर कब हम उनकी आत्मा की पुकार को सुनेंगे और उनके बलिदान का बदला लेंगे। क्या मोदी सरकार को और समय चाहिए या हमारे और जवानो का बलिदान ???

हर दिन सीमा पर पाकिस्तान की गोलीबारी से हमारे जवानों का नुकसान हो रहा है। अभी पिछली रात से ही सीमा पर गोलीबारी जारी है। जम्मू-कश्मीर के राजौरी और पुंछ जिलों में नियंत्रण रेखा से लगते इलाकों में पाकिस्तान की ओर से की गई जबरदस्त गोलीबारी में सेना के एक अधिकारी और तीन जवान शहीद हो गए जबकि कम से कम चार लोग घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि भारतीय सेना इसका मुंहतोड़ जवाब दिया। सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पाक सैनिकों ने राजौरी जिले के नियंत्रण रेखा से लगने वाली भीमभेर गली सेक्टर में रविवार देर शाम जबरदस्त गोलाबारी की। अधिकारी ने बताया पाकिस्तान की तरफ से किए गए संघर्षविराम उल्लंघन में 4 जवान शहीद हो गए।एबीपी न्यूज़ की वेबसाइट पर प्रस्तुत किए गए आंकड़े की एक झलक को देखिए और सोचिए की हमारी सरकार किया कर रही है। 

35 दिन में 12 जवान शहीद

जनवरी की स्थिति

3 जनवरी- सांबा सेक्टर में बीएसएफ के डेड कांस्टबेल आप पी हाजरा शहीद हुए.

13 जनवरी- सुन्दरबनी सेक्टर में आर्मी के लांस नायक योगेश भड़ाने ने शहादत दी.

17 जनवरी- आरएस पुरा सेक्टर में बीएसएफ के हेड कांस्टेबल ए सुरेश शहीद हुए.

19 जनवरी- सुन्दरबनी सेक्टर में आर्मी के लांस नायक सैम अब्राहम शहीद हुए.

19 जनवरी- इसी दिन सांबा सेक्टर में बीएसएफ के हेड कांस्टेबल जगपाल सिंह शहीद.

20 जनवरी- कृष्णा घाटी सेक्टर में सेना के सिपाही मनदीप सिंह शहीद.

21 जनवरी- मेंढर सेक्टर में सेना के सिपाही चंदन कुमार राय शहीद.

24 जनवरी- कृष्णा घाटी सेक्टर में सेना के सिपाही नायक जगदीश शहीद.

फरवरी की स्थिति

4 फरवरी- भिंबर गली सेक्टर में सेना के कैप्टन कपिल कूंडू शहीद.

4 फरवरी- भिंबर गली सेक्टर में सेना के हवलदार रोशन लाल शहीद.

4 फरवरी- भिंबर गली सेक्टर में सेना के राइफलमैन रामअवतार शहीद.

4 फरवरी- भिंबर गली सेक्टर में सेना के राइफलमैन शुभम सिंह शहीद.

साल 2017 में पाकिस्तान ने किया 881 बार सीजफायर का उल्लंघन

ऐसे में अब यह प्रश्न उठता है की आखिर मोदी सरकार कब बेदार होगी और कब पाकिस्तान को सबक सिखाएगी या फिर इसे भी चुनावी जुमला कह कर आम अवाम और जवानों का मज़ाक़ उड़ाएगी।

 

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