सीरिया में शांति की दरकार थी, अमेरिका ने हमले कर दिए।

0
25
Air Strike on Syria

(आई-एच) : सीरिया पहले ही गृह युद्ध की आग में झुलस रहा था। शांति की ज़रूरत थी लेकिन शनिवार तड़के अमेरिका ने ब्रिटेन और फ़्रांस के सहयोग से सीरिया पर मिसाइल हमला कर दिया। जिसके बाद विश्व युद्ध की बहस में गर्माहट आ गई है। रुसी न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार रूस के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मारिया जखरोवा ने कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगियों ने सीरिया पर ऐसे समय में सैन्य हमला किया है, जब सीरिया को शांतिपूर्ण भविष्य का अवसर मिला था। समाचार एजेंसी ‘तास’ ने जखरोवा द्वारा शुक्रवार (13 अप्रैल) की रात फेसबुक पोस्ट में दिए बयान का जिक्र किया है, जिसमें उन्होंने कहा, “जो इसके (हमले) पीछे हैं, वे दुनिया में नैतिक नेतृत्व का दावा करते हैं और अपनी विशिष्टता बताते हैं।”

Syria

उन्होंने कहा, “सीरिया के पास आखिरकार जब शांति का मौका था, तब उसकी राजधानी पर हमला करना सचमुच एक अनोखी विशिष्टता है।” अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन ने मिलकर शुक्रवार (13 अप्रैल) रात सीरिया में हमले किए, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पूर्वी घौता के डौमा में संदेहास्पद रासायनिक हमलों के लिए अपने समकक्ष बसर अल-असद को दंडित करना चाहते हैं। संदिग्ध रासायनिक हमले में 70 लोगों की मौत हो गई थी।

हालाँकि ख़बरों की माने की तो कहा जा रहा है की इस हमले में सबसे बड़ा रोल अमेरिका का ही है जिसने इस हमले में लगभग 1100 करोड़ रूपये खर्च किये हैं। गौरतलब है की सीरिया के केमिकल हथियारों के ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए अमेरिकी हमले के बाद राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने मिशन को कामयाब बताया है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक शनिवार तड़के अमेरिका ने सीरिया पर 120 मिसाइलें दागीं। बताया जा रहा है कि ये सभी टॉमहॉक क्रूज मिसाइलें थीं। इकॉनमिस्ट डॉट कॉम के मुताबिक एक अमेरिकी टॉमहॉक क्रूज मिसाइल की कीमत करीब साढ़े 9 करोड़ रुपये है। इस लिहाज से अमेरिका ने मौजूदा कार्रवाई में करीब 1100 करोड़ रुपये की मिसाइलें दागीं। इससे पहले पिछले साल सीरिया में अमेरिका ने 59 टोमहॉक मिसाइलें दागी थीं। अमेरिका ने हमले में B-1 बॉम्बर्स, टॉरनैडो जेट्स और युद्धपोत का इस्तेमाल किया। वहीं ब्रिटेन ने चार टॉरनैडो विमानों का इस्तेमाल किया।

Death of Syrian

बताते चलें की अमेरिका के अनुसार हमले में सीरिया के तीन रासायनिक हथियारों के भंडारगृहों को निशाना बनाया गया था। पहला, दमिश्क के पास वैज्ञानिक शोध अनुसंधान इकाई जहां हथियारों का उत्पादन होता है। दूसरा, होम्स के पास रासायनिक हथियार भंडारण इकाई और होम्स के अहम सैन्य ठिकाने, जहां रासायनिक हथियारों से जुड़ी सामग्री रखी जाती है। अमेरिका का दावा है की उन्होंने ने इस हमले के द्वारा इन सभी रासायनिक भंडारों की ध्वस्त करने में कामयाबी हासिल की है

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here