सतलोक आश्रम के विवादित संत रामपाल दोषी क़रार ,जाएंगे जेल

0
65

नई दिल्ली :सतलोक आश्रम प्रकरण में विवादित संत रामपाल को दोनों मामले में कोर्ट ने दोषी करार दे दिया है। फैसले के लिए सेंट्रल जेल में ही कोर्ट बनाया गया और अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश डी. आर. चालिया ने मामले की सुनवाई की। मामला 2014 का है जब रामपाल के आश्रम में भड़की हिंसा में 7 लोगों की जान चली गई थी जिसमें 5 महिलाएं और 1 बच्चा भी शामिल था। फैसले के बाद रामपाल के समर्थकों द्वारा उपद्रव होने की आशंका के चलते जेल के ही अंदर विडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए रामपाल की पेशी हुई।

मामला 14 नवंबर 2014 का है,जब हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद एक मामले में रामपाल कोर्ट में पेश नहीं हुए। इसके बाद हाईकोर्ट ने रामपाल को पेश करने के आदेश दिए और पुलिस प्रशासन ने सतलोक आश्रम से रामपाल को निकालने के लिए ऑपरेशन चलाया। संत रामपाल पर कोर्ट के फैसले के मद्देनजर इस बात को ध्यान में रखते हुए पूरे आस-पास के राज्यों में सुरक्षा कड़ी की गई है. हिसार और उसके आसपास के इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी कर दी गई है. खबर है कि लोगों की सुरक्षा को देखते हुए हिसार जिले को एक किले में तब्दील कर दिया गया है. सिर्फ इतना ही नहीं सुनवाई के दौरान कोर्ट से तीन किलोमीटर तक का सुरक्षा घेरा बनाया गया है.

इस सुरक्षा घेरे में किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर पूर्ण रूप से पाबंदी लगा दी गई है. फैसला आने तक हिसार में इंटरनेट सेवा भी रोकी गई थी. लॉ एंड आर्डर की स्थिति को बनाए रखने के लिए मध्यप्रदेश, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा के विभिन्न हिस्सों से हिसार आने वाली ट्रेनों को भी रद्द कर दिया गया है.शहर में कई जगहों पर रूट डाइवर्ट कर दिया गया है. दिल्ली रोड, राजगढ़ रोड और साउथ बाईपास पर रूट डाइवर्ट किया गया है. सुनवाई से 48 घंटे पहले ही जिले की सभी सीमाएं सील कर दी गई थीं.

सूत्रों की मानें तो रामपाल के समर्थक किसी तरह की कानून व्यवस्था न बिगाड़ पाएं इसके लिए पहले से ही तैयारियां कर ली गई हैं. सभी इलाकों में पुलिस की तैनाती है. इसके अलावा आरएएफ की पांच कंपनियों को भी हिसार बुलाया गया है. बता दें की बता दें कि 14 नवंबर 2014 को सतलोक आश्रम के संचालक रामपाल को बरवाला स्थित उसके आश्रम से बाहर निकालने के लिए पुलिस ने अभियान चलाया था। कार्रवाई के पहले दिन काफी लोग घायल हुए, लेकिन रामपाल के समर्थक डटे रहे। रामपाल के बाहर निकलने तक काफी हिंसा हुई और इस दौरान पांच महिलाओं समेत एक बच्चे की जान चली गई थी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here