मुश्किल में लालू यादव का परिवार,मुसीबत बन कर आई बुरी खबर

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पटना: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आईआरसीटीसी होटल धनशोधन मामले में 44.75 करोड़ रुपए कीमत की 11 जमीनें जब्त की. ईडी ने राजद प्रमुख लालू प्रसाद के परिवार से जुड़ी एक कंपनी के नाम पर इन जमीनों को कुर्क किया था. हाल में धनशोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) से जुड़े मामलों की सुनवाई करने वाले एक प्राधिकारी ने ईडी को जब्त संपत्तियां अपने कब्जे में लेने की इजाजत दी थी. अधिकारियों ने कहा कि पटना के दानापुर इलाके में करीब तीन एकड़ क्षेत्रफल में एक-दूसरे से सटी हुई इन जमीनों पर एक बड़ा नोटिस बोर्ड लगाया गया और कब्जे के दस्तावेजों को अधिसूचित किया गया. ईडी ने लालू के इस मॉल को कोर्ट के आदेश के बाद सील किया है. इससे पहले केंद्र सरकार के वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने निर्माण पर रोक लगा दी थी. बता दें कि 750 करोड़ की लागत से बनने वाले बिहार के इस मॉल को सबसे बड़ा मॉल कहा जा रहा था.मॉल की जमीन राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और उनके दोनों बेटे तेज प्रताप और तेजस्वी यादव के नाम पर है. मॉल की जमीन का खुलासा बिहार के डिप्टी सीएम और बीजेपी नेता सुशील मोदी ने किया था.इससे पहले नौ दिसंबर, 2017 को इस जमीन को अंतरिम रूप से जब्त करने से संबंधित अंतरिम आदेश जारी किया गया था. इसके बाद यह मामला ईडी के न्यायालय में चल रहा था.

सुनवाई पूरी होने के बाद इस जमीन को पूरी तरह से अवैध करार देते हुए जमीन को जब्त करने से संबंधित आदेश जारी कर दिया गया, जिसके बाद यह कार्रवाई की गयी है.याद रहे की सुशील मोदी ने आरोप लगाया था कि इस मॉल का निर्माण स्टेट इन्वायरमेंटल इंपैक्ट असेसमेंट अथॉरिटी की अनुमति के बिना शुरू कर दिया गया. उन्होंने कहा कि लालू जानते थे कि उनका बड़ा बेटा तेज प्रताप बिहार सरकार में वन एवं पर्यावरण मंत्री है और ऐसे में मॉल के लिए जरूरी पर्यावरण मंजूरी लेना उन्होंने जरूरी नहीं समझा और इसका उल्लंघन करते हुए मॉल के निर्माण का काम शुरू करा दिया. साथ ही उन्होंने कहा था कि इस मॉल की मिट्टी को पटना चिड़ियाघर में 90 लाख में बेचा गया.

इसके बाद ईडी ने तेजस्वी यादव और राबड़ी देवी से पूछताछ भी की थी.रेलवे होटल टेंडर घोटाले की जांच के दौरान यह बात सामने आयी थी. यह जमीन शुरू में होटल व्यवसायी विनय कोचर और विजय कोचर ने डिलाइट मार्केटिंग प्राइवेट कंपनी नामक कंपनी को करीब 75 लाख में बेची थी. इस कंपनी के निदेशक लालू प्रसाद के बेहद करीबी सांसद प्रेमचंद गुप्ता की पत्नी सरला गुप्ता समेत अन्य थे. इसके बाद इस कंपनी का नाम बदल कर लारा एलएलपी कर दिया गया. लारा से लालू और राबड़ी समझा जाता है. कंपनी का नाम बदलने के साथ ही इसके निदेशक मंडल का स्वरूप भी बदल गया.

राबड़ी देवी और तेजस्वी प्रसाद यादव इसके निदेशक हो गये. इसके बाद मॉल की इस जमीन पर राज्य के सबसे बड़े मॉल का निर्माण कार्य शुरू किया गया.अधिकारियों ने कहा कि पटना के दानापुर इलाके में करीब तीन एकड़ क्षेत्रफल में एक  दूसरे से सटी हुई इन जमीनों पर एक बड़ा नोटिस बोर्ड लगाया गया और कब्जे के दस्तावेजों को अधिसूचित किया गया. नोटिस बोर्ड पर दिल्ली जोनल ऑफिस 1 के सहायक निदेशक के दस्तखत हैं. उन्होंने बताया कि पीएमएलए की धारा 8 के तहत यह कार्रवाई की गई है.

केंद्रीय जांच एजेंसी ने आईआरसीटीसी होटल आवंटन मामले में पिछले साल दिसंबर में पीएमएलए के तहत 44.75 करोड़ रुपए (बाजार दर) की जमीनें अस्थायी तौर पर कुर्क की थी. प्राधिकारी ने अपने हालिया आदेश में कहा था कि यह संपत्तियां ‘मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल’ थीं.

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