पटना के गांधी मैदान में मुसलमानों ने नफरत के खिलाफ उठाई आवाज़

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पटना:पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में इमारत-ए -शरिया की ओर से ‘दीन बचाओ देश बचाओ’ सम्मेलन में रविवार को विहंगम नजारा देखने को मिला. सम्मलेन में भाग लेने के लिए बिहार समेत देश के कोने-कोने से लोग सुबह से ही लोग गांधी मैदान पहुंचने लगे थे. इसी बीच सम्मलेन शुरू होने के आधे घंटे पहले करीब 12.30 बजे मुसलमानों ने गांधी मैदान में ही जोहर की नमाज पढ़ी.मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस रैली का उद्घाटन बोर्ड के महासचिव अमीर-ए-शरीयत मौलाना मोहम्मद वली रहमानी करेंगे। वहीं इस रैली में कोई भी राजनीतिक पार्टी शामिल नहीं होगी। किसी को भी इसके लिए खास आमंत्रण नहीं दिया गया है और ना ही किसी के शामिल होने में पर कोई रोक लगाई है।

इमारत शरिया ने लोगों से कहा है कि कृपया इसे राजनीति से जोड़कर न देखा जाए। सम्मेलन की सुरक्षा के लिए बड़े पैमाने पर तैयारी की गई है। सभी गेटों की कमान दंडाधिकारियों के जिम्मे है। गांधी मैदान के साथ-साथ शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर दंडाधिकारी तैनात किए गए हैं। बड़ी-बड़ी इमारतों से भी गांधी मैदान की सुरक्षा का ख्याल रखा जा रहा है।
हालिया वर्षों में शायद ऐसा पहली बार हुआ है, जब लाखों की संख्या में मुसलमान दीन बचाने, देश बचाने के नाम पर इकट्ठा हुए हैं. बता दें कि तीन तलाक को लेकर देश भर में प्रदर्शन करने के बाद एआईएमपीएलबी और इमारत शरिया देश में कानून व्यवस्था की स्थिति, संविधान और इस्लाम पर खतरे के मुद्दे पर काफी आक्रामक है और इसी को रैली में उठाने की तैयारी है.
कॉन्फ्रेंस के मद्देनजर गांधी मैदान समेत पूरे पटना की सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गयी है. कार्यक्रम का मकसद यह है कि अलग-अलग धर्मों के लोगों को संविधान के मुताबिक जो रीति-रिवाज मानने का अधिकार मिला है. वह कायम रहे और उसमें किसी तरह की छेड़छाड़ ना हो मसलन तीन तलाक पर एक राय बनाने की कोशिश वक्ताओं के द्वारा की जायेगी.

आयोजकों के मुताबिक इस समारोह को राजनीतिक पार्टियों से दूर रखा गया है और किसी भी पार्टी के लोगों न्योता नहीं दिया गया है. लेकिन, आने पर उन्हें मना भी नहीं किया जायेगा. वहीं, इसमें लाखों की संख्या में मुस्लिम लोगों के शामिल होने की संभावना है. वहीं, पटना प्रशासन रैली के दौरान सुरक्षा को लेकर सजग हो गयी है. बम निरोधक दस्ता के साथ डॉग स्कॉड की टीम ने गांधी मैदान के चप्पे-चप्पे का जायजा लिया.

साल 1921 में बिहार, झारखंड और ओडिशा के मुस्लिमों को शरिया के तहत आने वाले मुद्दों को समझाने के लिए इमारत शरिया बनाई गई थी। बोर्ड के महासचिव मौलाना वली रहमानी का कहना है कि हमने चार साल इंतजार किया, यह सोचकर कि भाजपा संविधान के तहत देश चलाना सीख लेगी। तीन तलाक को लेकर उन्होंने कहा कि मुसलमानों के पर्सनल लॉ पर हमला हो रहा है। हमें अपने लोगों और देशवासियों को बताना पड़ रहा है कि देश के साथ-साथ इस्लाम पर भी खतरा है। हालांकि संगठन ने रैली को किसी राजनीतिक दल से समर्थन होने की बात से इंकार किया है।

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