दंगा और एनकाउंटर मामले में योगी सरकार का नया रिकॉर्ड

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लखनऊ :यूपी में जब चनाव के बाद की हालत को देखते हैं तो हर तरफ दंगा फसाद, सत्ताधारी लोगों का आतंक, कभी गाये के नाम पर लोगो को मारना।जर्जर होती कानून व्यवस्था यही सब दिमाग़ में घूम जाता है। फिर भीं जब प्रदेश के मुख्यमंत्री कहते हैं के सब ठीक है तो बहुत ही बुरा महसूस होता है। योगी ने मंच से कहा था की पिछले आठ महीनो में प्रदेश में कोई भी दंगा नहीं हुआ तो उन के इस बयान की काट करते हुए रिहाई मंच ने उन के इस बयान को झूठा साबित कर दिया।
रिहाई मंच ने आरोप लगाया के योगी जी सत्ता का दुरूपयोग करते हुए खुद पर लगे दंगों के आरोपों को मिटा रहे हैं। और इस तरह का बयान दे कर वो दंगाइयों का समर्थन कर रहे हैं और उन के हौसले बढ़ा रहे हैं। रिहाई मंच के अध्यक्ष शौएब कहते हैं क्या योगी जी बलिया, बाराबांकी, आजमगढ़, बहराइच की हिंसा को सांम्प्रदायक हिंसा नहीं मानते की किस तरह से वहां दशेहरा और मुहर्रम के दौरान हिंसा हुई, मुस्लिम समुदाय पर हमले किये गए उन्हें लूटा गया उन की दुकाने लूटी गई।
पिछले एक साल में सिर्फ उत्तर प्रदेश में 195 दंगे हुए जहाँ से योगी मुख्यमंत्री हैं.केंद्रीय गृह राज्यमंत्री हंसराज अहीर ने सदन में पूछे गए सवाल के जवाब में कहा की 2018 के आंकड़ों के अनुसार देश भर में कुल 822 सम्प्रदायक दंगे हुए. इन में 195 सिर्फ उत्तर प्रदेश में हुए , दंगो की वजह धार्मिक , ज़मीन और सोशल मीडिया को बताया गया। दंगों में पहला स्थान उत्तर प्रदेश का रहा जब की मुख्यमंत्री योगी ने अपने शपथ समारोह में जनता को भरोसा दिलाया था की वो राज्य को दंगा मुक्त बनाएंगे और यह भी कहा था की मेरी सरकार में किसी को हिम्मत नई होगी की वो दंगा को हवा दे सके मगर आंकड़े ये बताते हैं की योगी सरकार में दंगे कम न हो कर और बढे हैं। एक बात और गौरतलब है की अधिकतम दंगों में भाजपा नेताओं और उन की मात् संगठन आर एस एस की भूमिका रही है।

वहीँ दूसरा सब से अनोखा रिकॉर्ड एनकाउंटर के मामले में योगी सरकार ने बनाया है। पिछले साल मार्च में योगी ने मुख्यमंत्री पद संभालते ही बयान दिया था की वो प्रदेश को अपराध मुक्त बनाएंगे। उन के शासन में आते ही प्रदेश में 1100 एनकाउंटर हो चुके हैं जिस के लिए राष्ट्रीय मानव अधिकार ने सरकार को नोटिस भी जारी किया है।
प्रदेश की पुलिस के द्वारा अपराधियों को खतम करने के अभियान में अब तक 49 को ढेर किया जा चूका है जब की 370 से ज़्यादा को ज़ख़्मी और 3300 को गिरफ्तार किया जा चूका है। द हिन्दू के अनुसार प्रदेश में अब तक1100 एनकाउंटर हुए हैं आंकड़ों के अनुसार ज़्यादातर एनकाउंटर पश्चिमी यूपी मेरठ,शामली, मुज़फ्फरनगर ,बुलंदशहर ,बाघपत ,सहारनपुर ,ग़ाज़ियाबाद,और नॉएडा में हुए है पूर्वी यू पी आजमगढ़ में 5 संदिघ्द को ढेर किया गया।

मानव अधिकार के उलंघन के आरोपों के बीच राष्ट्रीय मानव अधिकार ने सरकार को नोटिस जारी कर जवाब भी माँगा है। राज्य मानव आयोग 4 मामलों की जाँच भी कर रही है।इन में से चार मामले आजमगढ़ से जुड़े हैं लगातार हो रहे एनकउंटरों की वजह से सरकार विपक्ष के निशाने पर भी है। विपक्षी दलों ने एनकउंटरों को फ़र्ज़ी बताया है और एनकउंटरो में दलितों ,पिछड़ों ,और मुसलमानो के मरे जाने पर सवाल भी खड़े किये हैं। कुल मिला कर योगी सरकार एक तरफ जहाँ सम्प्रदायक हिंसा में टॉप पर है वहीँ दूसरी तरफ एनकाउंटर कराने में भी सब से तेज़ और आगे है।

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