राम रहीम की ‘दुलारी’ हनीप्रीत को जेल में हो रही है परिशानी

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नई दिल्ली:डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम की ‘दुलारी’ हनीप्रीत जेल में रहते हुए परेशान हो गई है। इसलिए वह अब एक काम करना चाहती है, जिसके लिए उसने बड़ा कदम उठाया है। अब देखना है कि उसे कितनी राहत मिलती है।हनीप्रीत ने अपने वकील के जरिए अर्जी दी है कि अन्य कैदियों की तरह वह भी अपने घरवालों से फोन पर बातचीत करना चाहती है। उसने सवाल किया है कि जब अन्य कैदियों को यह सुविधा उपलब्ध है तो उसे क्यों नहीं दी जा रही है। हनीप्रीत के वकील ने पंचकूला कोर्ट में दाखिल अर्जी में कहा है कि जेल मैन्युअल के मुताबिक विचाराधीन कैदी दिन में एक बार अपने घरवालों से फोन पर बात कर सकते हैं, लेकिन हनीप्रीत को इसकी इजाजत नहीं दी गई है।

हनीप्रीत की ओर से वकील ने पंचकूला की एक कोर्ट में याचिका लगाकर अपील की है कि जिस तरह से अन्य आरोपित अपने परिवार के लोगों से रोजाना आधा घंटा बात करते हैं, उसी तरह उसे भी इजाजत मिले। हनीप्रीत ने याचिका में कहा है, ‘जेल नियमों में भी लिखा हुआ है कि आप परिवार से बात कर सकते हैं, तो हमें भी मौका दिया जाए, हमसे भेदभाव क्यों किया जा रहा है? बचाव पक्ष के वकील ने याचिका में कहा कि यह मेरा संवैधानिक हक है। मैं अपराधी हूं, तो कल यूं नहीं कह सकते कि मैं खाना नहीं खाउंगी।इससे पूर्व हनीप्रीत ने जमानत याचिका लगाकर कहा था कि मैं एक महिला हूं और 25 अगस्त 2017 को पंचकूला में जब हिंसा हो रही थी, तब मैं डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के साथ थी.

डेरा प्रमुख को सजा होने के बाद मैं राम रहीम के साथ पंचकूला से सीधा सुनारिया जेल रोहतक चली गई.साध्वी यौन शोषण मामले में 25 अगस्त 2017 को राम रहीम को दोषी करार दिया गया था। उसके बाद पंचकूला में हिंसा भड़क गई थी। मामले में हनीप्रीत को मुख्य आरोपी बनाया गया है और इन दिनों वह अंबाला की सेंट्रल जेल में बंद है। सोमवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए उसकी पंचकूला कोर्ट में पेशी हुई।हरियाणा सरकार की ओर से इस याचिका का विरोध किया गया है और सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए याचिका को खारिज करने के लिए की मांग की गई है। अदालत ने इस पर फैसला सुरक्षित रखा है। इससे पूर्व हनीप्रीत ने जेल स्तर पर भी अपने परिवार से बात करने के लिए खत लिखा था, लेकिन इजाजत नहीं मिली थी।

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