मानव श्रृंखला से अपनी नाकामी छुपा रहे हैं नितीश कुमार ?

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 दरभंगा से चंदन ठाकुर 

क्या शराबबंदी के बाद दहेजबंदी व बाल विवाह उन्मूलन अभियान विकास को भुलाने की साजिश तो नहीं ?
1) एक तरफ मानव श्रृंखला हो रही है और दूसरी ओर प्रदेश के मानवों का रोजगार के लिये पलायन ?
2) एक तरफ मानव श्रृंखला हो रही है और दूसरी ओर नियोजित शिक्षकों के केस की अपील सुप्रीम कोर्ट में हो रही है ।
3) एक तरफ मानव श्रृंखला हो रही है और दूसरी ओर जिले को तो छोड़िये सूबे की राजधानी में एक मॉडल बस स्टैंड तक नहीं है ।
4) एक तरफ मानव श्रृंखला हो रही है दूसरी ओर कई पंचायत में ऑनलाइन वृद्धावस्था पेंशन सालों से नहीं पहुंच रहे हैं ।
5) एक तरफ मानव श्रृंखला हो रही है दूसरी ओर राज्य के विश्वविद्यालयों में सैलरी देने के पैसे नहीं हैं ।
6) एक तरफ मानव श्रृंखला हो रही है दूसरी ओर सलाना अरबों रूपये सूबे से बाहर के विश्वविद्यालयों में चले जाते हैं ।


7) एक तरफ मानव श्रृंखला हो रही है दूसरी ओर प्रदेश की व्यक्तिगत आमदनी दुगुनी आधी और नेताओं की आमदनी दुगुनी ज्यादी हो रही है ।
8) एक तरफ मानव श्रृंखला हो रही है दूसरी ओर राज्य में एक भी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम नहीं है ।
9) एक तरफ मानव श्रृंखला हो रही है दूसरी ओर शहर दर शहर ट्रैफिक जाम से कराह रहा है ।
10) एक तरफ मानव श्रृंखला हो रही है दूसरी ओर मिथिला के ऐतिहासिक शहर दरभंगा को स्मार्ट सिटी से महरूम रखा जा रहा है और गृह जिला बिहारशरीफ ( नालंदा ) को शामिल ।
11) एक तरफ मानव श्रृंखला हो रही है दूसरी ओर मजदूर श्रमिक रोजी-रोटी के लिये पंजाब-हरयाणा के खेतों में मजदूरी कर रहे हैं ।
12) एक तरफ मानव श्रृंखला हो रही है दूसरी ओर हमें 38 जिलों के लिये आदरणीय मनु महाराज सरीखें आईपीएस नहीं मिल रहे हैं ।
13) एक तरफ मानव श्रृंखला हो रही है दूसरी ओर हमें सम्मानीय त्याजराजन सरीखें 38 जिलाधिकारी नहीं मिल रहे हैं ।
14) एक तरफ मानव श्रृंखला हो रही है दूसरी ओर हर साल उत्तर बिहार को बाढ़ से स्थायी निदानी के लिये कोई मास्टर प्लान नहीं है ।
15 ) एक तरफ मानव श्रृंखला हो रही है दूसरी ओर सूबे में नहरों और पानी संरक्षण की कोई बेहतर व्यवस्था नहीं है ।
16 ) एक तरफ मानव श्रृंखला हो रही है दूसरी ओर न ही खेत पक्के नालों से जुड़ रहे हैं और न ही स्टेट बार्डिंग का कहीं अता-पता है ।
17) एक तरफ मानव श्रृंखला हो रही है दूसरी ओर बेरोजगार को नौकरी नहीं और सेवानिवृत्त को फिटनेस के आधार पर आउटसोर्स पर रखा जा रहा है ।

किन-किन को गिनाऊ मेरे कलम की स्याही घटेगी नहीं । प्रश्न तो यक्ष हैं जिनके जवाब अगले चुनाव में माननीय , सम्मानीय और आदरणीय सूबे के विकास पुरुष, सुशासन बाबू व मुफ्ती सईद सम्मान से पुरुस्कृत बिहार के बादशाह श्री नीतीश कुमार जी को देना होगा ।

काल चक्र ने गुरु द्रोण व गुरु भीष्म को भी नहीं बख्शा क्योंकि तब एक द्रौपदी की चीर-हरण हो रही थी और पूरी सभा मौन थी । तो वर्तमान परिपेक्ष्य में अब इस सूबे का चीर-हरण सरीखे ढ़ेर सारे प्रश्न आपके सामने हैं । अब बादशाह को तय करना है कि बादशाह और उनका कैबिनट इस सारे समस्या का हल निकालता है या शराबबंदी , दहेजबंदी व बाल-विवाह उन्मूलन की आड़ में विकास सरीखे सवाल पर मौन ही रहना पसंद करता है । क्योंकि काल-चक्र ने बादशाह साहब को अब वो सुनहरा अवसर दे दिया है जब अगले किसी चुनाव में ये मुद्दा ही नहीं रह जायेगा कि 1 अने मार्ग पटना और 7 लोक कल्याण मार्ग नई दिल्ली में बैठे बादशाह की गठबंधन ही नहीं है ।

 

मैं बिहार का विरोधी नहीं आपका वो आईना हूँ जिस सत्य से समय-समय पर आकर सत्यता का बोध कराता हूँ ।

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