भारतीय रेलवे ने बदला नियम,यात्रियों के लिए नया गॉइडलाइन जारी

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नई दिल्ली: कई ऐसे मौके आते हैं कि जब हमारे पास रेलवे का कन्फर्म टिकट होता है लेकिन प्लान बदल जाता है. आपकी जगह परिवार के किसी दूसरे सदस्य को यात्रा करनी होती है. ऐसे हालात में हम चाहकर भी अपना टिकट अपने रिश्तेदार को दे पाते हैं. मजबूरी में हमें हमारा टिकट कैंसिल करना पड़ता है, लेकिन अब ऐसा नहीं करना पड़ेगा. रेलवे के नए नियम के मुताबिक कोई भी शख्स अपना कंफर्म ट्रेन टिकट किसी रिश्तेदार को दे पाएंगे. हालांकि यह सुविधा केवल मां-पिता, भाई-बहन, पति-पत्नी, मां-बेटा, पिता-बेटा जैसे ब्लड रिलेशन वाले लोगों के लिए है.शुक्रवार को जारी इस वक्तव्य में कहा गया है कि रेलवे प्रशासन द्वारा अधिकृृत महत्वपूर्ण स्टेशनों के मुख्य रिजर्वेशन सुपरवाइजर एक यात्री द्वारा किसी दूसरे यात्री को दिए गए टिकट पर उसका नाम, बर्थ और सीट नंबर दे सकेंगे।

-रेलवे की तय गाइडलाइन के मुताबिक व्यक्ति अपना कन्फर्म टिकट अपने परिवार के अन्य सदस्य जैसे पिता, मां, भाई या बहन, बच्चे और पति या पत्नी को ट्रांसफर कर सकेगा। इसके लिए उस व्यक्ति को ट्रेन छूटने के 24 घंटे पहले लिखित में आवेदन करना होगा।भारतीय रेल ने इस दिशा में कुछ दिशानिर्देश जारी किए हैं जिनका पालन कर आप अपना टिकट बिना परेशानी उठाए किसी और व्यक्ति के नाम पर ट्रांसफर कर सकेंगे, लेकिन कुछ शर्तों के साथ। ट्रेन का टिकट दूसरे के नाम पर ट्रांसफर करवाने के लिए ट्रेन के रवाना होने के कम से कम 24 घंटे पहले ट्रांसफर की एक एप्लीकेशन के साथ आईडी प्रूफ चीफ रिजर्वेशन सुपरवाइजर के पास जमा कराना होगा लेकिन विवाह कार्यक्रम में जाने वाले किसी व्यक्ति के लिए ये समय सीमा 48 घंटो की है जिसमें विवाह समारोह के आयोजन कर्ता द्वारा एप्लीकेशन दिया जाएगा।

रेल टिकट का ट्रांसफर जिस दूसरे व्यक्ति के नाम पर ट्रांसफर किया जाना है उसके पहचान पत्र के साथ आधार कार्ड, वोटर आईडी आदि की फोटो कॉपी के साथ टिकट को दिखाकर टिकट ट्रासंफर करवाया जा सकता है लेकिन रेलवे की तरफ से शर्त रखी गई है कि ये टिकट सिर्फ ब्लड रिलेशन वाले रिश्तेदारो को ही ट्रांसफर किया जा सकेगा। जैसे पिता, मां, भाई या बहन, बच्चे और पति या पत्नी।इसके अलावा अगर आप सरकारी अधिकारी हैं तो अपने टिकट को अन्य सरकारी अधिकारी के नाम पर ट्रांसफर कर सकेंगे। जिसके लिए सरकारी कर्मचारी अपने किसी साथी या अधिकारी का नाम ट्रेन चलने के तय स्थान से 24 घंटे पहले ट्रांसफर करवा सकेंगे। अगर आप किसी मान्यता प्राप्त शैक्षिक संस्थान के छात्र हैं तो ट्रेन के निर्धारित समय से 24 घंटे से पहले किसी भी छात्र के नाम पर अपना टिकट ट्रांसफर करवा सकते हैं।

शर्तें

-ट्रेन का टिकट दूसरे के नाम पर ट्रांसफर करवाने के लिए ट्रेन के रवाना होने के कम से कम 24 घंटे पहले ट्रांसफर की एक एप्लीकेशन के साथ आईडी प्रूफ चीफ रिजर्वेशन सुपरवाइजर के पास जमा कराना होगा।

-विवाह कार्यक्रम में जाने वाले किसी व्यक्ति के लिए ये समय सीमा 48 घंटो की है जिसमें विवाह समारोह के आयोजन कर्ता द्वारा एप्लीकेशन दिया जाएगा।

-रेल टिकट का ट्रांसफर जिस दूसरे व्यक्ति के नाम पर ट्रांसफर किया जाना है उसके पहचान पत्र के साथ आधार कार्ड, वोटर आईडी आदि की फोटो कॉपी के साथ टिकट को दिखाकर टिकट ट्रासंफर करवाया जा सकता है।

– रेलवे की तरफ से शर्त रखी गई है कि ये टिकट सिर्फ ब्लड रिलेशन वाले रिश्तेदारो को ही ट्रांसफर किया जा सकेगा। जैसे पिता, मां, भाई या बहन, बच्चे और पति या पत्नी।

– अगर आप सरकारी अधिकारी हैं तो अपने टिकट को अन्य सरकारी अधिकारी के नाम पर ट्रांसफर कर सकेंगे।

-अगर आप किसी मान्यता प्राप्त शैक्षिक संस्थान के छात्र हैं तो ट्रेन के निर्धारित समय से 24 घंटे से पहले किसी भी छात्र के नाम पर अपना टिकट ट्रांसफर करवा सकते हैं।

-यह सुविधा आप बार-बार नहीं ले पाएंगे। सिर्फ एक बार आप रेलवे की इस सुविधा का लाभ ले सकते हैं।

-मैरिज पार्टी, एनसीसी कैडेट और छात्रों के मामले में अगर टिकट ट्रांसफर का आग्रह उस समूह के 10 प्रतिशत से अधिक हुआ तो इसकी अनुमति नहीं मिलेगी।

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