अमेरिका-ईरान की दुश्मनी में भारत फंसता हुआ आ रहा है नज़र !

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तेहरान :ट्रंप की ईरान दुश्मनी में कई अन्य देश का नुकसान होता दिखाई दे रहा है और तेल के इस खले में भारत के लिए भी ईरान ने खतरे की घंटी बजा दी है। रणनीतिक तौर पर बेहद महत्वपूर्ण कहे जाने वाले चाबहार पोर्ट परियोजना पर भारत के कम निवेश पर ईरान ने चेतावनी दी है। ईरान ने कहा है कि यदि भारत की ओर से निवेश कम होता है और तेल के आयात में कटौती की जाती है तो उसका ‘विशेष देश’ का दर्जा खत्म कर दिया जाएगा। ईरान के उप-राजदूत मसूद रेजवानियन राहागी ने कहा कि यदि भारत ने ईरान से तेल के आयात में कटौती कर सऊदी अरब, रूस, इराक, अमेरिका और अन्य देशों से आयात में इजाफे का प्रयास किया तो उसे मिल रहे सभी विशेषाधिकार वापस ले लिए जाएंगे। उन्होंने कहा, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि चाबहार बंदरगाह और उससे जुड़ी परियोजनाओं के लिए किए गए निवेश के वादे अभी तक पूरे नहीं किए गए हैं.

यदि चाबहार बंदरगाह में उसका सहयोग और भागीदारी सामरिक रूप से महत्वपूर्ण है तो भारत को इस संबंध में तुरंत जरूरी कदम उठाने चाहिए.अमेरिका की तरफ से लगाए गए प्रतिबंधों का जिक्र करते हुए राहाघी ने कहा कि उनका देश तेल के क्षेत्र में हमेशा से भारत का भरोसेमंद सहयोगी रहा है। ईरान ने हमेशा ही भारत को उचित कीमतों पर तेल बेचा है, ताकि दोनों देशों के हित सुनिश्चित रहें। राहाघी ने इस मामले में भारत को सोच-समझकर कदम उठाने की नसीहत भी दी।पिछले महीने ही अमेरिका ने भारत समेत कुछ और सहयोगी देशों को चेतावनी दी थी कि वे 4 नवंबर तक ईरान से तेल का आयात बंद कर दें। ऐसा न करने वाले देशों पर अमेरिका ने प्रतिबंध लगाने की बात भी कही। इस मामले में भारत और चीन को खासतौर पर जानकारी भी दी गई।

ईरान चीन को सबसे ज्यादा तेल निर्यात करता है, जबकि भारत, इराक और सऊदी अरब के बाद सबसे ज्यादा तेल ईरान से ही आयात करता है। मंगलवार को अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने भी सभी देशों को ईरान से 4 नवंबर तक तेल आयात बंद करने के लिए कहा।बता दें की रेजवानियन राहागी एक सेमिनार में ‘वैश्विक राजनीति में उभरती चुनौतियां-अवसर और भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों पर असर’ विषय पर बोल रहे थे.चाबहार बंदरगाह भारत के लिए कारोबार से लेकर रणनीतिक तौर पर बेहद अहम है.

ओमान की खाड़ी के इस बंदरगाह की मदद से भारत पाकिस्तान का रास्ता बचा कर ईरान और अफगानिस्तान के साथ व्यापार कर सकता है.यूएस के ईरान से तेल आयात करने को लेकर लगाए गए प्रतिबंध की तरफ इशारा करते हुए रहागी ने कहा कि उनका देश भारत का विश्वसनीय ऊर्जा साझेदार रहा है और ईरान ने हमेशा से हमेशा से उपभोक्ताओं और आपूर्तिकर्ताओं के हितों के ध्यान में रखते हुए उचित कीमत में तेल की आपूर्ति की है.ईरान की इस धमकी के बाद देखना यह होगा की दिल्ली इस के बारे में क्या फैसला करती है।

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