विश्व में भारत की छवि हुई ख़राब,मोदी सरकार लाजवाब

0
113

नई दिल्ली (रहमत कलीम )जो कुछ कठुआ और उन्नाव में हुआ है, उन घटनाओं के प्रति एक समाज के रूप में हमें कैसे प्रतिक्रिया करनी चाहिए? भारत दुनिया भर में एक ऐसे देश के रूप में बदनाम हो चुका है जहां महिलाएं और बच्चे यौन हिंसा के कारण असुरक्षित हैं और यदि यह वास्तविकता न भी हो तो भी अवधारणा ऐसी ही बनी हुई है। और अब लोग दुनिया के कोने कोने से इस पर अपनी प्रतिक्रिया भी देने लगे हैं ,यहाँ तक की भारत में बेटियों की सुरक्षा पर जो खतरा है उस को लेकर लोग खुलेआम आवाज़ उठाने लगे हैं जिस का सीधा असर भारत की साख और छवि पर पड़ रहा है।

दूसरे देश में लोग एक तरफ जहाँ प्रोटेस्ट कर के भारत में बेटियों की सुरक्षा पर आवाज़ उठा रहे हैं वहीँ लोग अपने कपड़ों पर भी यह संदेश लिखवा कर लोगों में जागरुक्ता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं की भारत में अपनी महिलाओं और बेटियों को भेजने से पहले एक बार सोचें ,सचेत रहें। वहां महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। यह संदेश खुलेआम लोगों के बीच दुनिया के दूसरे देशों में फैलाना भारत की अस्मिता और इस के वक़ार पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। इस से देश की बदनामी हो रही है और देश का प्रधान सेवक एक जुमला कह कर अपनी ज़िम्मेदारी से बरी हो जाता है की बेटियों को इंसाफ मिलेगा।

सवाल यह नहीं है की इंसाफ मिलेगा या नहीं मिलेगा और मिलेगा तो कब तक मिलेगा ,इस से बड़ा प्रश्न यह उठ रहा है की दुनिया भर में देश की जो छवि बन रही है महिलाओं की सुरक्षा के लिए ,क्या वह हम भारती के लिए शर्म की बात नहीं है ??याद रहे की पिछले कुछ महीनों में ही एक पर एक रेप के केस दर्ज हुए हैं ,भारत के हर तब्क़ा में गुस्सा है। और दुनिया में हमारी बदनामी होती जा रही है।

बता दें की संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने कठुआ में आठ वर्षीय बच्ची के साथ बलात्कार और उसकी हत्या के मामले को ‘‘भयावह’’ करार देते हुए, इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वाले आरोपियों को कानून के दायरे में लाए जाने की उम्मीद जाहिर की है।खानाबदोश बकरवाल मुस्लिम समुदाय की एक बच्ची 10 जनवरी को अपने घर के पास से लापता हो गई थी और एक सप्ताह बाद उसका शव उसी इलाके में मिला था। गांव के ही एक मंदिर में एक सप्ताह तक उसके साथ कथित तौर पर छह लोगों ने बलात्कार किया। पीड़िता की हत्या करने से पहले नशीला पदार्थ देकर उसके साथ कई बार बलात्कार किया गया था।

वहीँ उन्नाव रेप केस ने भाजपा की असलियत को और बे नक़ाब कर दिया है। भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर पर एक नाब़ालिग लड़की के साथ कथित तौर पर जून 2017 में बलात्कार करने का आरोप है. इस मामले में पिछले साल पीड़ित लड़की की एफ़आईआर पुलिस ने नहीं लिखी थी जिसके बाद लड़की के परिवार वालों ने कोर्ट का सहारा लिया.पीड़ित परिवार का आरोप है कि इसके बाद से विधायक के परिजन उन पर केस वापस लेने का दबाव बना रहे हैं.

वहीं लड़की का कहना है कि न्याय के लिए वह उन्नाव पुलिस के हर अधिकारी के पास गई, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई.उनका आरोप है कि विधायक और उनके साथी पुलिस में शिकायत नहीं करने का दबाव बनाते रहे हैं और इसी क्रम में विधायक के भाई ने तीन अप्रैल को उनके पिता से मारपीट भी की. इसके बाद हिरासत में लड़की के पिता की मौत हो गई.

बता दें की महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने उन्नाव और कठुआ गैंगरेप मामले को लेकर ट्विटर पर गुस्सा जाहिर किया है। उन्होंने लिखा, जल्लाद की नौकरी ऐसी नहीं है जिसे कोई करना चाहता हो लेकिन अगर रेप करने वालों को मारने की सजा मिले तो मैं जल्लाद की नौकरी खुशी-खुशी करूंगा। उन्होंने कहा कि वह खुद को शांत रखने की कोशिश करते हैं लेकिन जब देश में इस तरह की घटनाएं देखते हैं तो उनका खून खौलता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here