मक्का मस्जिद ब्लास्ट केस में फैसला सुनाने वाले स्पेशल जज ने इस्तीफा दिया

0
69

नई दिल्ली :मक्का मस्जिद ब्लास्ट केस में फैसला सुनाने वाले स्पेशल एनआईए जज ने इस्तीफा दे दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एनआईए जज आर रेड्डी ने फैसला सुनाने के कुछ देर बाद ही ये फैसला लिया है। उनके इस्तीफे की अभी तक किसी ने अधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

बताते चलें कि मक्का मस्जिद धमाके पर 11 साल बाद आए फैसले के बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। भाजपा ने जहां कांग्रेस से मांग की कि वह देश से माफी मांगे। वहीं, कांग्रेस ने जांच एजेंसियों की कार्यशैली पर सवाल उठाया। इस कड़ी में जज ने इस्तीफा देकर इस फैसले को और भी तूल दे दिया है। अभी तक साफ नहीं हो सका है कि जज रेड्डी ने इस्तीफा किन कारणों से दिया है।

अदालत ने असीमानंद, देवेंद्र गुप्ता, लोकेश शर्मा, भरत मोहनलाल रातेश्वर और राजेंद्र चौधरी को बरी कर दिया है। इन पर एनआईए ने शक्तिशाली विस्फोट करने का आरोप लगाया था। आरोपी में से एक के वकील ने नामपल्ली आपराधिक अदालत के बाहर कहा कि अदालत ने यह माना कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में विफल रहा है। पुलिस को घटनास्थल से दो विस्फोटक भी मिले थे। विस्फोट के बाद मस्जिद के बाहर भीड़ पर पुलिस की गोलीबारी से पांच अन्य लोग भी मारे गए थे।इस मामले की शुरूआती जांच स्थानीय पुलिस ने की थी और फिर इसे सीबीआई को ट्रांस्फर कर दिया गया था. इसके बाद 2011 में देश की आतंकवाद रोधी जांच एजेंसी एनआईए को यह मामला सौंपा गया. हिन्दू दक्षिणपंथी संगठनों से कथित रूप से संपर्क रखने वाले 10 लोग मामले में आरोपी थे. बहरहाल, उनमें से आज बरी हुए पांच आरोपियों पर ही मुकदमा चला था.

अब फैसला सुनाने के छह घंटे के बाद ही जस्टिस रेड्डी का अपने पद से इस्तीफा देने से राजनीती गरम हो गई है और लोगों के बीच तरह तरह की बातें भी करने लगे हैं। कुछ लोगों का कहना है की वह राजनीती फायदे के ऐसा कर रहे हैं वहीँ एमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी कहा की जिस जज ने हैदराबाद बम ब्लास्ट के सारे आरोपियों को बरी करने का फैसला सुनाया उन्होंने ने खुद अपना पद छोड़ दिया है यह अपने आप में हैरान करने वाली बात है।

वहीँ कुछ लोगों का यह भी कहना है की उन्होंने दबाव में आकर यह फैसला किया है और मज़बूर हो कर उन्होंने यह पद त्याग कर दिया है। लेकिन इस पूरी कहानी के पीछे की असली तस्वीर क्या है यह समय के साथ साथ पूरी तरह साफ़ हो जाएगा ,लेकिन अचानक इस तरह इस्तीफा देना अपने आप में शक को जगह देना है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here