उधोगपतियों का लोन माफ़ करने के मामले में मोदी ने रिकॉर्ड बनाया

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नई दिल्ली : एक आरटीआई से इस बात खुलासा हुवा है की मोदी सरकार बैंक लोन माफ़ करने के रास्ते पर कुछ ज़यादह ही रफ़्तार से चल रही है.लेकिन इस से पहले यह जानना जरुरी है की यूपीए सरकार की इस मामले में किया रफ़्तार थी। बता दें के वर्ष 2007 से 2014 यानि आठ वर्षों में कुल 121650 करोड़ रुपए का हिसाब किताब सरकारी बैंक की डायरी से ख़त्म कर दिया गया था। इस के पीछे दलील यह दी गई के यह ऐसे लोन हैं जिसके वापसी की संभावना पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। अब यही दलील दे कर मोदी सरकार भी काफी लोन माफ़ कर रही है ,लेकिन अभी जो आरटीआई से खुलासा हुआ है वो आंकड़ा हैरान करने वाला है। अभी मोदी सरकार को सिर्फ साढ़े तीन साल हुए हैं और इसी छोटी सी मुद्दत में मोदी सरकार ने यूपीए के आठ वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ते हुए 259079 करोड़ रुपए माफ़ करते हुए सारे पुराने रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया है। राइट ऑफ करने में मोदी सरकार की रफ़्तार का नदाज़ह इस बात से भी लगाया जा सकता है की इस वर्ष के अभी छ महीने में ही मोदी सरकार ने 55356 करोड़ रुपए बैंक से राइट ऑफ कर दिया है। राइट ऑफ उस समय किया जाता है जब पैसा के वापस लौटने की कोई उम्मीद बाक़ी नहीं रहती। मोदी सरकार ने जिन खातों को राइट ऑफ किया है उनमे वजय मालिया का भी नाम है। गौर करने वाली बात यह है की इस राइट ऑफ किये जाने वाले लोन के मालिक बड़े उद्योगपति हैं या कोई और ,यह आने वाले समय में पता चलेगा।

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