ब्राजील में माता पिता ने नवजात को जिंदा मिट्टी में दफ़न कर दिया,वीडियो देखें

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ब्राज़ील :इस्लाम से पूर्व दुनिया की जो हालत थी जिसको ज़माना ए जाहिलियत के नाम से याद किया जाता है ,उस दौर की सब से खराब बात यह थी के बेटियों का पैदा होना उस समय मुमकिन ही नहीं था। लोग अपने घर में बेटी के जन्म को अपने लिए श्राप मानते थे यही कारण है की जब किसी के घर बेटी पैदा होती तो वह उस नवजात को ज़िंदा मिट्टी में दफ़न कर देते थे। यह सब से घिनौनी और डरावनी हरकत थी जो इस्लाम से पूर्व के लोग करते थे। फिर इस्लाम आया और इसके खिलाफ लड़ाई लड़ी गई ,इसे खत्म किया गया और समाज में लड़कियों को बराबरी का दर्जा दिलाया गया लेकिन आज जिस सदी में हम जी रहे हैं इस सदी में भी कभी कभी जमाना ए जाहिलियत की याद ताज़ा हो जा रही है। लोगों का कर्तव्य कुछ ऐसा देखने को मिल रहा है जिस पर शर्मिंदगी भी होती है और अफ़सोस भी। एक नई घटना कुछ ऐसी ही सामने आई है जो दिल दहला देने के लिए काफी है। प्रगति के पथ पर चलने वाले ब्राजील जैसे देश की यह घटना है जहाँ एक नवजात को ज़िंदा मिटटी में उसके माता पिता ने दफ़न कर दिया था। अभियोजन पक्ष ने गुरुवार को कहा, ब्राजील में एक नवजात बच्ची उसके खुद के की माता-पिता ने बच्ची को जिंदा मिट्टी में दफन कर लिया. यह बच्ची 7 घंटे तक मिट्टी में दफ़न रही जिसके बाद रेस्क्यू टीम ने बड़ी मशक्कत के बच्ची को बाहर निकाला गया.

चमत्कारी बात यह रही कीसात घंटे तक बिना हवा मिले यह बच्ची जिंदा है.एक नर्स ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि मातो ग्रोसो राज्य के झिंगू नेशनल पार्क में मंगलवार को एक बच्ची को जन्म के तुरंत बाद जिंदा दफना दिया गया, इस इलाके में ब्राजील के आदिवासी लोगों के घर है.पुलिस ने रात में एक उथले छेद से रेत खोदने वाले अधिकारियों को दिखाते हुए एक वीडियो जारी किया, फिर नग्न बच्चे को खींचकर बाहर निकाला गया.राज्य अभियोजक पाउलो रॉबर्टो डो प्राडो ने कहा कि बच्ची की दादी, तामायुरा जनजाति के सदस्य को हिरासत में लिया गया था.उन्होंने एएफपी को बताया, “हम जांच कर रहे हैं कि क्या यह बच्ची को मारने की कोशिश है या नहीं, या परिवार ने यह सोचा की बच्ची मर चुकी है.रेस्क्यू टीम ने कहा, “सात घंटे तक मिट्टी के अंदर दफ़न होने के बावजूद,” हमारे पास यह जानकारी मिली कि बच्ची सही सलामत है उसे कुछ नहीं हुआ है.बच्ची को बुधवार को मातो ग्रोसो राज्य की राजधानी कुइआबा लाया गया था और नवजात गर्भनिरोधक देखभाल इकाई में रखा गया था. जांचकर्ताओं ने कैनाराना शहर के पास के क्षेत्र में परिवार का इंटरव्यू लिया.

एक मानवविज्ञानी, मनोवैज्ञानिक और फनई के प्रतिनिधियों – स्वदेशी मामलों के प्रभारी सरकारी निकाय ने भाग लिया और मामले की जांच शुरू की.वहीँ परिवार ने पुलिस को बताया कि उसकी मां ने बच्ची को बाथरूम में जन्म दिया जिसके बाद बच्ची निचे गिर गयी. राज्य पुलिस ने कहा, “चूंकि पिता बच्ची को पहचानने से इनकार कर रहे है और माँ केवल 15 वर्ष की है, इसलिए पुलिस को संदेह हैं कि उन्होंने नवजात शिशु को मारने की कोशिश की.ब्राजील जैसे देश की यह घटना हमारे लिए कई प्रश्न छोड़ रहे हैं। पहला प्रश्न क्या आज भी इंसानों की कोई क़ीमत नहीं है। क्या अपनी ख़ुशी के लिए नवजात को भी आसानी से बली चढ़ा दी जाती है। क्या हम सच में तरक़्क़ी के दौर में हैं ????

 

Veja o momento emocionante em que policiais ajudam a resgatar recém nascida que havia sido enterrada viva pela avó e mãe em Canarana. ❤️#pmmt #servireproteger

Posted by Polícia Militar do Estado de Mato Grosso on Wednesday, June 6, 2018

Credit:worldnewsarabia.com

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