जवानों की शहादत भूल कर पाकिस्तान के राष्ट्रपति से पीएम मोदी ने हंसते हुए मिलाया हाथ

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नई दिल्ली :भारत-पाकिस्तान के तनाव भरे संबंधों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के तटीय शहर किंगदाओ में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन के दौरान पाकिस्तानी राष्ट्रपति ममनून हुसैन से हाथ मिलाया। इस मुलाकात के दौरान दोनों नेता खुश नजर आए और मुस्कुरा कर बात करते देखे गए। समाचार एजेंसी एएनआई ने पीएम मोदी और पाकिस्तानी राष्ट्रपति की इस छोटी से गर्मजोशी भरी मुलाकात का वीडियो ट्वीट किया है। 19 सेकेंड के इस वीडियो में पीएम मोदी और ममनून हुसैन के अलावा चीन के राष्ट्रपति समेत और भी कई नेता दिखाई देते हैं। पीएम मोदी और ममनून हुसैन ने एक-दूसरे का अभिवादन स्वीकार करते हुए आपस में क्या बात की, यह जानकारी नहीं लग पाई है लेकिन दोनों की इस मुलाकात का वीडियो ऐसे वक्त में लोगों का खासा ध्यान खींचने वाला है जब सीमा पार से लगातार युद्ध विराम का उल्लंघन जारी और कश्मीर घाटी में पाक समर्थित आतंकवादियों का उत्पात कम नहीं हो रहा है। रविवार (10 जून) को ही घाटी के कुपवाड़ा के केरन सेक्टर में आतंकवादियों की घुसपैठ नाकाम करते हुए सुरक्षा बलों ने 6 को ढेर कर दिया।पाकिस्तान के राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने पीएम मोदी के पास पहुंचते ही उनकी तरफ हाथ आगे बढ़ाया. पीएम मोदी ने भी उनकी इस पहल को पूरा सम्मान दिया और तुरंत अपना हाथ आगे कर उनका अभिवादन स्वीकार किया. सिर्फ इतना ही नहीं, पीएम मोदी ममनून हुसैन के थोड़ा करीब गए और उनसे कुछ कहा.

स्टेज पर पीएम मोदी ममनून हुसैन के आगे-आगे चलने लगे. दोनों के बीच बेहद कम फासला था और दो कदम चलते ही पीएम मोदी पीछे पलट गए. पीछे से आ रहे ममनून हुसैन के लिए पीएम रुके और उन्होंने फिर उनसे कुछ बात की.बता दें कि दोनों देश पहली बार पूर्ण सदस्य के रूप में इस मंच पर जमा हुए हैं. हालांकि, इस बार दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय बातचीत नहीं होनी है, लेकिन मंच पर पीएम मोदी और ममनून हुसैन के बीच चंद लम्हों की बातचीत भी काफी मायने रखती थी. शंघाई सहयोग संगठन की शिखर वार्ता में भी पीएम मोदी ने आतंकवाद की समस्या पर प्रमुखता से अपनी बात रखी। उन्होंने पड़ोसी देशों के सामने अफगानिस्तान का जिक्र किया। पीएम ने कहा, ”आतंकवाद के असर का अफगानिस्तान एक दुर्भाग्यपूर्ण उदाहरण है। मुझे उम्मीद है कि क्षेत्र में राष्ट्रपति गनी के द्वारा शांति के लिए उठाए कदमों का सभी सम्मान करेंगे।” पीएम मोदी ने शिखर सम्मेलन की सफलता के लिए पूरा सहयोग देने की बात कही.

उन्होंने इस ओर भी ध्यान खींचा कि एससीओ के सदस्य देशों से केवल 6 फीसदी पर्यटक ही भारत आते हैं, इस संख्या को दोगुना किया जा सकता है। पीएम मोदी ने कहा, “हमारी साझा संस्कृति को लेकर जागरूकता बढ़ाने से यह संख्या बढ़ सकती है। हम भारत में एससीओ फूड फेस्टिवल और बौद्ध महोत्सव का आयोजन करेंगे।वहीँ दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत और चीन के बीच लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद को सुलझाने के मिशन में जुटे हुए हैं. इसके लिए वो हर कूटनीतिक और राजनीतिक दांव आजमा रहे हैं.

डोकलाम पर चीन को कदम पीछे खींचने के लिए मजबूर करने के बाद अब पीएम मोदी सीमा विवाद को पूरी तरह से खत्म करना चाहते हैं.इसी कड़ी में शनिवार को एक ओर पीएम मोदी शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट में हिस्सा लेने के लिए चीन के किंगदाओ शहर को रवाना हुए, तो दूसरी ओर सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत चीन बॉर्डर से सटे अरुणाचल के ताक्सिंग इलाके का दौरा करने निकल पड़े. शनिवार को सेना प्रमुख ताक्सिंग पहुंचे और अग्रिम चौकियों का दौरा किया. साथ ही सैन्य ऑपरेशन की तैयारियों का जायजा लिया.

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