PM मोदी को गुजरात लौटाने के लिए वाराणसी में मुहीम तेज़,जगह जगह लगे पोस्टर

0
336

वाराणसी :गुजरात में उत्तर भारतीयों खासतौर से यूपी और बिहार के लोगों पर हो रहे सामूहिक हमले का विरोध अब शुरू हो चुका है। मंगलवार को इसका खासा असर पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र में दिखाई देने लगा है। कई जगहों पर विरोध में पोस्टर चिपकाये गए, जिसपर लिखा है- गुजराती नरेंद्र मोदी बनारस छोड़ो। साथ ही बनारस में रह रहे गुजरातियों व महाराष्ट्र के लोगों को एक हफ्ते में बनारस छोड़ने की चेतावनी जारी की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में पोस्टर लगाए गए हैं, जिनमें ‘गुजराती नरेंद्र मोदी बनारस छोड़ो’ लिखा गया है.ये पोस्टर यूपी-बिहार एकता मंच के द्वारा लगाए गए हैं.

वाराणसी में लगाए गए पोस्टर को चेतावनी के तौर पर लगाया गया है. इन पोस्टरों में गुजरात महाराष्ट्र में उत्तर भारतीयों पर रहे हिंसा के खिलाफ कड़ा विरोध जताया गया है. यूपी-बिहार एकता मंच द्वारा लगाए गए पोस्टर में चेतावनी- ‘बनारस में निवास कर रहे समस्त गुजरातियों और महाराष्ट्र के लोगों से अपील है कि एक सप्ताह के अंदर बनारस छोड़कर चले जाएं, वरना अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहें.‘यूपी बिहार एकता मंच’ ने गुजरात में उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों पर हो रहे हमलों की कड़ी निंदा की है।

मंच ने गुजरात सरकार से आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मंच ने शहर में पोस्टर लगाने के साथ ही गुजराती और मराठी लोगों से एक हफ्ते में वाराणसी छोड़ने के लिए भी कहा है।आपको बता दें कि गुजरात के साबरकांठा जिले में 14 माह की बच्ची से बलात्कार की घटना के बाद गैर-गुजरातियों पर कथित तौर पर हमले हुए हैं. इसमें बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है, जिसके चलते बाहरी लोग गुजरात छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं.पीड़ित परिवार गुजरात के ठाकोर समुदाय से ताल्लुक रखता है.

यही वजह है कि हिंसा में ठाकोर समुदाय का नाम सामने आया है. हिंसा फैलाने के आरोप में तीन सौ लोगों से अधिक गिरफ्तार हो चुके हैं. एक अनुमान के मुताबिक अब तक दूसरे राज्यों के करीब 20 हजार लोग गुजरात से पलायन कर चुके हैं.याद रहे की इस मामले में राज्य के अलग-अलग हिस्सों से पुलिस ने अब तक 450 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस महानिदेशक शिवानंद झा ने मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘‘मुख्य रूप से 6 जिले हिंसा से प्रभावित हुए हैं। मेहसाणा और साबरकांठा सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।

इन जिलों में 42 मामले दर्ज किए गए हैं.अब बड़ी दिक़्क़त यह पैदा हो गई है की यूपी बिहार के लोगों के पलायन कर जाने से गुजरात के कर कारखानों को बड़ा नुक़सान हो रहा है ,सब बंद हो रहे हैं ,इस लिए गुजरात के सीएम रुपानी ने इन लोगों से वापस गुजरात आने के लिए अनुरोध किया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here