बिहार तक पहुंची आंध्र प्रदेश की आग,जदयू-राजद ने की विशेष दर्जे की मांग

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नई दिल्ली :आंध्र प्रदेश के लिए विशेष राज्य के दर्जे की मांग को लेकर बीजेपी और टीडीपी में ठन गई है। टीडीपी ने इस मसले को लेकर एनडीए से अलग होने का फैसला कर लिया है। वहीं, बीजेपी के भी दो मंत्रियों ने आंध्र प्रदेश कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया है। बीजेपी के कमनेनी श्रीनिवास और पी.मणिक्याला राव ने गुरुवार (8 मार्च) को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन.चंद्रबाबू नायडू को इस्तीफा सौंप दिया। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री कमिनेनी श्रीनिवास और एन्डोमेंट मंत्री और पी.मणिक्याला राव ने विधानसभा में मुख्यमंत्री के कक्ष में उनसे मुलाकात की और उन्हें अपना इस्तीफा सौंप दिया। विशेष राज्य को लेकर शुरू हुई इस सियासी जंग की आहट अब बिहार में भी सुनाई पड़ रही है।

बिहार सरकार में मंत्री माहेश्वर हजारी ने कहा है कि बिहार को भी विशेष दर्जा मिलना जरूरी है, ये मांग काफी लंबे समय से उठ रही है.माहेश्वर हजारी ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर सकते हैं. नीतीश इस मांग को पीएम के सामने दोहरा सकते हैं.दूसरी ओर नेता प्रतिपक्ष तेजस्‍वी यादव ने नीतीश कुमार पर तंज कसा है। तेजस्‍वी यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तंज कसते हुए कहा कि उन्‍हें आंध्रप्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू से सीखना चाहिए। शासन इक़बाल और स्वाभिमान से चलता है। आखिर ‪कितने दिन डरकर बिहार का नुक़सान करते रहेंगे।‬ तेजस्‍वी ने कहा कि नीतीश कुमार ने व्यक्तिगत फ़ायदों के लिए बिहार के हितों की तिलांजलि दे दी है। अपने लिए ‘विशेष आवास’ और ‘विशेष सुरक्षा’ के समझौते के तहत बिहार की विशेष दर्जे की मांग को कूड़ेदान में डलवा दिया।

तेजस्‍वी ने पूछा कि नीतीश कुमार को यह हक़ किसने दिया है की अपने व्यक्तिगत स्वार्थों की पूर्ति के लिए वो बिहार के साथ हक़मारी करें। स्वयंघोषित नैतिक पुरुष जवाब दें। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को मैंने 5 फ़रवरी को पत्र लिखकर अपने नेता प्रधानमंत्री मोदी जी से बिहार के लिए विशेष राज्य की माँग करने की विनम्र विनती के साथ-साथ तन-मन-जन से पूर्ण समर्थन देने का वायदा भी किया था। लेकिन मुख्यमंत्री ने नेता प्रतिपक्ष को उस पत्र का जवाब देना भी उचित नहीं समझा। वे बतायें कि उन्होंने किस डर से अपनी नैतिकता, अंतरात्मा, राजनीति और बिहार के अधिकारों को भाजपा के यहाँ गिरवी रखा है? तेजस्‍वी ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री मोदी जी और केंद्र सरकार बिहार की विशेष दर्जे की जायज़ माँग को अस्वीकार करते है तो नीतीश जी को अंतरात्मा की आवाज़ पर तुरंत इस्तीफ़ा देकर एनडीए से गठबंधन तोड़ना चाहिए। कुछ तो हिम्मत दिखाइए चाचा जी। हम इस मांग पर साथ है।

नेता प्रतिपक्ष के बाद नीतीश सरकार में मंत्री माहेश्वर हजारी ने कहा कि बिहार को भी विशेष दर्जा मिलना जरूरी है। ये मांग काफी लंबे समय से उठ रही है। इस मुद्दे को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर सकते हैं। सीएम नीतीश इस मांग को पीएम के सामने दोहरा सकते हैं। वहीं, विधानसभा में गुरुवार को राजद सदस्य शक्ति यादव और समीर कुमार महासेठ ने बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर कार्यस्थगन प्रस्ताव पेश किया। विधानसभा अध्यक्ष ने इसे नियमानुकूल नहीं बताते हुए इसे अमान्य कर दिया। शक्ति यादव ने कहा कि यह मामला बिहार के हित का है और सभी दलों के सदस्य इस मांग के पक्ष में हैं। विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें याद दिलाया कि इसी सदन में इस संबंध में सर्वसम्मति से मांग पारित की जा चुकी है। सर्वसम्मति से पारित हुई इस मांग पर कार्यस्थगन प्रस्ताव लाना सही नहीं है।

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