फिलिस्तीन के समर्थन में आया ऑस्ट्रेलिया,अमेरिका को झटका

0
380

नई दिल्ली :पिछले महीने अमेरिका ने इजराइल से जेरुशलम अपना दूतावास ट्रांसफर कर दिया था और यह उम्मीद की जा रही थी के अमेरिका के इस फैसले पर क़दम बढ़ाते हुए अन्य देश भी इजराइल में अपने दूतावास को वहां से निकाल कर तल अबीब ट्रांसफर कर देगा लेकिन ऐसा अब तक होता दिखाई नहीं दे रहा है ,बल्कि उल्टा ही खेल तेज़ होता जा रहा है ,चूँकि ट्रंप के इस फैसले के खिलाफ खड़े होने वाले देशों की संख्या में वृद्धि होती जा रही है। फ़ार्स न्यूज़ के अनुसार आस्ट्रेलिया के विदेशमंत्री जूली बिशप ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि सरकार, दूतावास को बैतुल मुक़द्दस स्थानांतरित करने का कोई इरादा नही रखती। इसी बीच गार्डियन समाचारपत्र ने लिखा है कि आस्ट्रेलिया की सरकार ने घोषणा की है कि अपने दूतावास को तेलअवीव से स्थानांतरित करने में अमरीका का पालन नहीं करेगी।हालांकि आस्ट्रेलिया के कई राजनैतिक दलों ने सरकार से मांग की है कि वह आस्ट्रेलिया के दूतावास को तेलअवीव से बैतुल मुक़द्दस ले जाए किंतु जूली बिशप का कहना है कि एेसा नहीं करेंगे।

ज्ञात रहे कि ट्रप्म सरकार ने 14 मई 2018 को अपने दूतावास को तेलअवीव से बैतुल मुक़द्दस स्थानांतरित किया था जिसपर अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर ्अमरीका का कड़ा विरोध किया गया था। हाल ही में वाइट हाउस ने एक बयान जारी करके अमरीका के दूतावास को तेलअवीव से बैतुल मुक़द्दस स्थानांतरित करने के काम को ट्रम्प प्रशासन की उपलब्धि बताया है।वहीँ दूसरी तरफ अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप द्वारा यरुशलम को इजरायल की राजधानी के रूप में मान्यता दिए जाने के फैसले के बाद अरब लीग पूर्वी यरुशलम को फिलिस्तीन की राजधानी के रूप अंतरराष्ट्रीय मान्यता दिलाने पर जोर देने के लिए कोशिश कर रही है। इस मुद्दे पर चर्चा के लिए छह अरब देशों के विदेश मंत्रियों और अरब लीग के महासचिव ने साल के शुरू में जॉर्डन में मुलाकात की थी।

बैठक में फिलिस्तीनी राष्ट्रीय प्राधिकरण, जॉर्डन, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, मिस्र, मोरक्को के विदेश मंत्रियों ने हिस्सा लिया था । इन देशों ने यरुशलम के मुद्दे पर मंत्रिमंडल स्तर की समिति का गठन किया था। बैठक में अरब लीग के महासचिव अहमद अबोल घेइत भी शामिल हुए। बैठक के बाद जॉर्डन के विदेश मंत्री अयमान सफादी ने कहा, ‘यरुशलम को इजरायल की राजधानी के रूप में मान्यता देना राजनीतिक फैसला है और हम इसे फिलिस्तीन स्टेट और (पूर्वी ) यरूशलम को राजधानी के रूप में मान्यता दिलाने के लिए अंतरराष्ट्रीय फैसले की कोशिश करेंगे।


बता दें की पराग्वे ने पिछले महीने यरूशलम में अपने दूतावास का उद्घाटन किया। इसी तरह ये तीसरा ऐसा देश बन गया, जिसका दूतावास तल अबीब से यरूशलम में शिफ्ट किया गया है। बता दें कि उद्घाटन के दौरान पराग्वायन राष्ट्रपति होरासियो कार्टस और इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू मौजूद रहे। गौरतलब है कि अमेरिका ने पिछले महीने ही ग्वाटेमाला को देखते हुए अपना दूतावास तेल अवीव से यरूशलम में शिफ्ट किया था। इसको लेकर फिलीस्तीनियों ने इजराइल में भारी हिंसा प्रदर्शन किया था। इस हिंसा में 60 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए थे, जबकि 2,400 घायल हुए।अब इस तरह से तीन ऐसे देश हैं जिन्होंने यरूशलम में अपना दूतावास खोल लिया है ,पहले अमेरिका ने खोला ,फिर उसके बाद ग्वाटेमाला और फिर पिछले महीने पराग्वे ने अपना दूतावास इजराइल से तल अबीब बदल दिया है। लेकिन इन छोटे छोटे देशों के फैसले पर ऑस्ट्रेलिया का एक फैसला काफी भारी पड़ता नज़र आरहा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here