मस्जिदों को बंद करने वाले ऑस्ट्रिया के खिलाफ अर्दोगान का नया एलान

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अंकारा :पिछले दिनों ऑस्ट्रिया ने राजनीतिक इस्लाम और विदेशी चंदों से चलने वाले धार्मिक समूहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही थी. समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार शुक्रवार को गृह मंत्री हरबर्ट केकल ने कहा कि इस कार्रवाई से लगभग 60 इमामों और उनके परिवारों पर असर पड़ेगा. उन्होंने आगे कहा कि इससे कुल 150 लोगों का देश में रहने का अधिकार खतरे में पड़ जाएगा. इनमें ज्यादातर इमाम तुर्की-इस्लामिक सांस्कृतिक संघों या एटीआईबी से जुड़े हैं, जो तुर्की सरकार की धार्मिक मामलों की संस्था की शाखा है.चांसलर सबैस्टियन कुर्ज ने कहा कि सरकार वियना में एक कट्टरपंथी तुर्की राष्ट्रवादी मस्जिद को बंद कर रही है और छह मस्जिदों का संचालन करने वाले समूह अरब रिलिजियस कम्यूनिटी को भंग कर रही है. अब वहीँ इस पर जवाब देते हुए तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैय्यब अर्दोगान ने कहा की ऑस्ट्रिया चांलसर का यह फैसला विश्व को एक नए बोहरान की तरफ धकेल सकता है। जहाँ सलीब यानि क्रिस्चन और चाँद यानी मुसलमान आमने सामने होंगे। अर्दोगान ने कहा की इस मामले को किसी और भी तरीके से हल किया जा सकता है। आप किया सोचते हैं की आप हमारे इमामों को देश से निकल देंगे और हम हाथ पर हाथ रखे बैठे रहेंगे। हम भी सख्त से सख्त क़दम उठाएंगे। ऑस्ट्रिया के सरकार के इस फैसल को अर्दोगान ने घटिया और जाहिलाना बताया है।


बता दें की सरकार 2015 के एक कानून के तहत यह कार्रवाई कर रही है। इस कानून के तहत धार्मिक समूहों को मिलने वाले विदेशी चंदे पर रोक है और साथ ही मुस्लिम समुदाय का कर्तव्य है कि वह ऑस्ट्रिया और उसके लोगों के प्रति सकारात्मक विचार रखे। 88 लाख की आबादी वाले ऑस्ट्रिया में मुश्किल से 6 लाख मुस्लिम हैं। इनमें से अधिकतक तुर्की के हैं या उनके परिवारवाले तुर्की के रहे हैं।ऑस्ट्रिया के चांसलर कर्ज ने शुक्रवार को कहा कि समांतर समाज, राजनीतिक इस्लाम और कट्टरपंथी प्रवृत्तियों के लिए हमारे देश में कोई जगह नहीं है. ऑस्ट्रिया में एक संस्था मुस्लिम समुदाय की एक बॉडी के साथ मिल कर काम कर रही है ताकि देश में स्थित कट्टरपंथी मस्जिदों और इमाम का पता लगाया जा सके. कुर्ज के मुताबिक, सरकार ने ये फैसला धार्मिक मामलों के प्राधिकरण की एक जांच के बाद लिया है।

दरअसल, इसी साल अप्रैल में कुछ तस्वीरें सामने आई थीं। इनमें तुर्की से संबंधित मस्जिदों में बच्चों को पहले विश्व युद्ध का एक नाटक प्रदर्शित करते दिखाया गया था, जिसमें लाखों तुर्की नागरिक मारे गए थे। उसकी याद में किए गए नाटक में कई बच्चों ने मरने का अभिनय भी किया था।रिलीज हुई तस्वीरों में बच्चों को तुर्की का झंडा ओढ़े और उसे सैल्युट करते भी दिखाया गया था। कुर्ज ने इस घटना को इस्लामिक राजनीतिकरण करार देते हुए कहा कि कट्टरता की देश में कोई जगह नहीं है।बता दें कि ऑस्ट्रिया में 2015 में एक कानून लागू किया गया था, जिसके तहत कोई भी धार्मिक संगठन विदेशों से फंडिंग नहीं ले सकता। इसी नियम के जरिए विदेशों से चंदा पाने वाली मस्जिदों को बंद करने का फैसला लिया गया है।ऑस्ट्रिया के गृह मंत्री हर्बर्ट किकल ने बताया कि तुर्की-इस्लामिक सांस्कृतिक संगठन (एटीआईबी) के 60 इमामों के होम परमिट की जांच की जा रही है।

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