मोदी सरकार के मंत्री का महिलाओं पर आपत्तिजनक बयान

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नई दिल्ली :बीजेपी सांसद उदित राज ने देश में MeToo अभियान को ‘गलत चलन’ की शुरुआत बताया है। नाना पाटेकर का समर्थन करते हुए मंगलवार को उन्होंने एक दशक बाद सामने आकर आरोप लगाने के लिए अभिनेत्री तनुश्री दत्ता पर ही सवाल उठाए।उत्तर पश्चिमी दिल्ली से सांसद उदित राज ने ट्वीट कर कहा, “मीटू अभियान आवश्यक है लेकिन 10 साल बाद किसी पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने का क्या मतलब है? इतने साल बाद घटना के तथ्यों की जांच करना कैसे संभव हो सकता है?

उन्होंने कहा, “जिस पर आरोप लगाए गए हैं, इसे उस व्यक्ति की छवि खराब करने के रूप में भी देखा जाना चाहिए। यह एक गलत चलन की शुरुआत है।”बॉलीवुड में महिलाओं के यौन उत्पीड़न और मीटू अभियान के परिपेक्ष में तनुश्री ने सितंबर माह में एक साक्षात्कार दिया था, जिसमें उन्होंने 2008 में फिल्म ‘हॉर्न ओके प्लीज’ के सेट पर नाना पाटेकर द्वारा उनके साथ कथित उत्पीड़न का अनुभव साझा किया था, जिसके बाद भाजपा सांसद की यह टिप्पणी आई है।

बीजेपी सांसद उदितराज ने ट्वीट करते हुए कहा #MeToo कैम्पेन जरूरी है लेकिन किसी व्यक्ति पर 10 साल बाद यौन शोषण का आरोप लगाने का क्या मतलब है ? इतने सालों बाद ऐसे मामले की सत्यता की जाँच कैसे हो सकेगी?जिस व्यक्ति पर झूठा आरोप लगा दिया जाएगा, उसकी छवि का कितना बड़ा नुकसान होगा ये सोचने वाली बात है.गलत प्रथा की शुरुआत है.

न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बातचीत के दौरान उदित राज ने विवादित बयान देते हुए कहा, ‘कुछ महिलाएं जानबूझकर पुरुषों पर ऐसे आरोप लगाती हैं। उसके बाद उनसे 2-4 लाख रुपये लेकर दूसरे पुरुषों को इसके लिए चुनती हैं। उन्होंने कहा, मैं स्वीकार करता हूं कि ये पुरुष का प्राकृतिक स्वभाव है, लेकिन ये सवाल है कि क्या इसमें महिलाएं निपुण नहीं हैं? क्या वो इसका दुरुपयोग नहीं कर रहीं हैं? उन्होंने कहा महिलाओं के ऐसा करने से पुरुषों की जिंदगी बर्बाद हो रही है.बीजेपी सांसद उदितराज ने जहां ‘#मी टू’कैंपेन पर सवाल खडे़ किए हैं.

वहीं इससे पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी इस कैंपेनिंग को अपना सपोर्ट दे चुकीं हैं. महिला एवं बाल विकास मंत्री ने कहा कि उन्होंने प्रस्ताव दिया है कि कोई भी पीड़ित यौन उत्पीड़न की शिकायत घटना के ‘10-15 साल’ बाद भी कर सकता है. ‘#मी टू’ अभियान’ का उल्लेख करते हुए मेनका ने कहा, ‘मैं आशा करती हूं कि यह इस तरह नियंत्रण से बाहर नहीं चला जाए कि हम उन लोगों को निशाना बनाएं जिनसे हमें परेशानी हुई हो. लेकिन मेरा मानना है कि यौन उत्पीड़न को लेकर महिलाएं आक्रोशित हैं.

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