पीएम मोदी के कारण वीडियोकॉन कंपनी बैठ गई :ग्रुप

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नई दिल्ली: देश में इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम्स बनाने वाली कंपनी वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज के खिलाफ दिवालिया कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के नेतृत्व में कंपनी को कर्ज देने वाले बैंकों ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) में याचिका दाखिल कर कंपनी को दिवालिया घोषित करने की मांग की है. एनसीएलटी ने बैंकों की याचिका को स्वीकार भी कर लिया. वीडियोकॉन अब बैंकरप्सी कोड के तहत नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) के दायरे में आ गई है. अगले 180 दिनों में बोली के जरिए कंपनी के लिए नए मालिक की तलाश शुरू हो सकती है.कर्ज में डूबे वीडियोकॉन ग्रुप ने अपने ऊपर हुए 39 हजार करोड़ रुपये के कर्ज के लिए पीएम मोदी ,सुप्रीम कोर्ट और ब्राजील को ज़िम्मेदार ठहराया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवंबर 2016 में नोटबंदी कर दी थी. जिसका असर कारोबार पर देखा गया था. नोटबंदी के बाद कई लोगों के कारोबार पर इसका असर देखने को मिला.

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक कंज्यूमर अप्लायंसेस मेकर कंपनी वीडियोकॉन ने कहा गया है कि नवंबर 2016 में पीएम मोदी के नोटबंदी के फैसले से कैथोड रे ट्यूब (CRT) टेलीविजन्स बनाने के लिए जो सप्लाई होती थी. वह पूरी तरह से ठप पड़ गई. इस वजह से कंपनी को काफी नुकसान झेलना पड़ा. कंपनी को अपना कारोबार बंद करना पड़ा. ब्राजील को लेकर वीडियोकॉन ने कहा है, ”ब्राजील में इस कंपनी का तेल और गैस का कारोबार लालफीताशाही की वजह से डूबने की कगार पर है.” सुप्रीम कोर्ट को लेकर ग्रुप ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के लाइसेंस रद्द करने पर टेलीकम्युन‍िकेशंस का कारोबार ठप पड़ा गया. इसका भी नकारात्मक असर ग्रुप की बैलेंसशीट पर देखने को मिला.

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अपने बचाव में विडियोकॉन ने भी अर्जी दाखिल की है। कंपनी का कहना है कि प्रधानमंत्री द्वारा लिए गए नोटबंदी के फैसले की वजह से कैथोड रे ट्यूब की सप्लाइ बंद हो गई और इसी वजह से टेलीविजन का बिजनस ठप हो गया। ब्राजील में रेड टेप की वजह से गैस और तेल का बिजनस प्रभावित हुआ और सुप्रीम कोर्ट द्वारा लाइसेंस कैंसल किए जाने के बाद टेलीकम्युनिकेशन का बिजनस भी रुक गया। बता दें कि पिछले पांच साल में कंपनी के शेयर में 96 फीसदी की गिरावट आई है। मंगलवार को इसके एक शेयर की कीमत मात्र 7.56 रुपये रही। इस तरह कंपनी दिवालिया होने के कगार पर है। वहीं, ब्राजील को लेकर वीडियोकॉन ने कहा है, ”ब्राजील में इस कंपनी का तेल और गैस का कारोबार लालफीताशाही की वजह से डूबने की कगार पर है.

सुप्रीम कोर्ट को लेकर ग्रुप ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के लाइसेंस रद्द करने पर टेलीकम्युन‍िकेशंस का कारोबार ठप पड़ा गया. इसका भी नकारात्मक असर ग्रुप की बैलेंसशीट पर देखने को मिला.वीड‍ियोकॉन इंडस्ट्रीज वेणुगोपाल धूत की फ्लैगश‍िप कंपनी है. इस कंपनी पर बैंकों का हजारों करोड़ रुपये का कर्ज बकाया है. सिर्फ वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज के ख‍िलाफ एनसीएलटी ने याच‍िका स्वीकार कर ली थी. इसके अलावा वीडियोकॉन टेलीकॉम के ख‍िलाफ दायर याचिका पर भी सुनवाई हो रही है.

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