यमन ने सऊदी अरब में तबाही मचाने के लिए दागे मिज़ाइल

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रियाद :सऊदी अरब की वायु रक्षा प्रणाली ने संकटग्रस्त यमन से दागी गई एक बलिस्टिक मिसाइल को बीच में ही नष्ट कर दिया। आधिकारिक ‘सऊदी प्रेस एजेंसी’ ने एक बयान में कहा कि मिसाइल दक्षिणी जिजान शहर को निशाना बना कर दागा गया था जिसमें एक पाकिस्तानी नागरिक घायल हो गया। सरकारी मीडिया ने बताया कि पिछले रविवार को सऊदी हवाई रक्षा सेवा ने जिजान को निशाना बनाकर दागी गई एक अन्य मिसाइल को भी नष्ट किया था. सऊदी अरब ने पिछले महीने इस तरह के खतरे के संकेत में राजधानी रियाद और तेल समृद्ध पूर्वी प्रांत के लिए एक नई सायरन प्रणाली का परीक्षण किया था. वहीं, ईरान समर्थित हौती विद्रोहियों ने अपने समाचार केन्द्र अल मसीरा के जरिए दावा किया कि मिसाइल से जिजान स्थित एक सैन्य शिविर को निशाना बनाया गया था. विद्रोहियों ने हाल के महीनों में पड़ोसी सऊदी अरब के खिलाफ मिसाइल हमले किए हैं, जो 2015 से विद्रोहियों से लड़ने वाले सैन्य गठबंधन की ओर अग्रसर हैं.

वहीं ईरान समर्थित हुती विद्रोहियों ने अपने समाचार केंद्र अल मसीरा के जरिए दावा किया कि मिसाइल से जिजान स्थित एक सैन्य शिविर को निशाना बनाया गया था। बता दें की इस से पहले सऊदी अरब नीत गठबंधन के समर्थन वाले यमनी बलों ने शनिवार को कहा था कि उन्होंने हुदयदाह शहर के एयरपोर्ट को हूती विद्रोहियों से मुक्त करा लिया है। सेना ने अपने बयान में कहा था, ‘सेना की इकाई ने विद्रोहियों द्वारा लगाए गए विस्फोटक यंत्रों को हटाना शुरू कर दिया है।’ हूती के प्रवक्ता मोहम्मद अब्देल सलाम ने ट्वीट किया था कि उनके लड़ाकों को वहां से हटाना एक सामरिक रणनीति है और इसके परिणामस्वरूप किराए के सैनिकों ने एयरपोर्ट में प्रवेश किया है। उन्होंने कहा था कि उनके लड़ाकों ने यमन के राष्ट्रपति अब्दरब्बू मंसूर हादी के अंतर्राष्ट्रीय समर्थन वाले 36 सैनिकों को अपने कब्जे में ले लिया है।

सैन्य और मेडिकल सूत्रों ने बताया था कि यमनी बलों और हूती के बीच संघर्ष में बीते दो दिनों के दौरान 300 से ज्यादा लोग मारे गए हैं, वहीं 550 से ज्यादा घायल हुए हैं। क्षेत्र के निवासियों ने कहा था कि वे लोग शनिवार सुबह से ही शहर के दक्षिण में स्थित हवाई क्षेत्र से धमाकों और गोलीबारी की आवाज सुन रहे थे और सरकारी सेना एयरपोर्ट को कब्जे में लेने के बाद शहर के दक्षिणी भाग पर नियंत्रण स्थापित करने के लिए आगे बढ़ रही थी। लेकिन हूती विद्रोहियों ने सऊदी नेतृत्व वाली गठबंधन सेना से इस एयरपोर्ट पर कब्जा वापस पा लिया।यमन में बीते तीन वर्षों में यह सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाई बताई जा रही है। यमन की निर्वासित सरकार की सेना ने शनिवार को बताया कि हुदैदा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और आसपास के इलाकों से बारूदी सुरंगों को हटाने का काम चल रहा है।

 

लाल सागर के तट पर बसा हुदैदा यमन की राजधानी सना से करीब 150 किमी दूर स्थित है।सना समेत देश के ज्यादातर हिस्से पर ईरान समर्थित हाउती विद्रोहियों का कब्जा है। इनके खिलाफ सऊदी गठबंधन साल 2015 से सैन्य अभियान चला रहा है। यमन के गृहयुद्ध में अब तक दस हजार से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। छह लाख की आबादी वाले इस पोर्ट शहर से देश की 70 फीसद खाद्य आपूर्ति होती है। यहां का बंदरगाह सहायता सामग्री और ईंधन आपूर्ति का भी प्रमुख जरिया है।याद रहे की यमन मध्य पूर्व के सबसे ग़रीब देशों में गिना जाता है. यहां सत्ता के लिए जारी संघर्ष में शामिल सशस्त्र गुटों ने एक-एक करके अपने खेमे और दोस्त बदले. इन सबके बीच कथित जिहादी संगठनों को भी यमन में अपना असर बढ़ाने का मौका मिला.ज़मीन पर मार्च, 2015 से यमन में जो ताक़तें लड़ रही हैं, उनमें राष्ट्रपति अब्द रब्बू मंसूर हादी की सेना है, हूथी विद्रोहियों के लड़ाके और उनका साथ दे रहे गुट शामिल हैं.

राष्ट्रपति अब्द रब्बू मंसूर हादी की सत्ता को अंतरराष्ट्रीय समर्थन हासिल है.यमन के मोर्चे पर सऊदी अरब के नेतृत्व में एक अंतरराष्ट्रीय गठबंधन की सेना भी है जो हूथी विद्रोहियों से मुकाब़ला कर रही है. सऊदी नेतृत्व को ये लगता है कि हूथी विद्रोहियों को ईरान से हथियारों की मदद मिल रही है. इसी हफ़्ते पूर्व राष्ट्रपति अली अब्दुल्ला सालेह ने सऊदी गठबंधन के साथ बातचीत की पेशकश की थी.सालेह हूथी विद्रोहियों के साथ लड़ रहे थे और उन्हें यमन के संघर्ष की शुरुआत करने वाले लोगों में गिना जाता था. लेकिन बातचीत की उम्मीदें सोमवार को उस वक्त खत्म हो गईं जब सालेह एक भीषण लड़ाई में मारे गए. सालेह की मौत उन्हीं हूथी विद्रोहियों के साथ संघर्ष में हुई जो कल तक उनके साथी रहे थे.

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