नौसेना प्रमुख पद के लिए जंग, एडमिरल बिमल वर्मा पहुंचे अदालत

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नई दिल्ली :वाइस एडमिरल बिमल वर्मा ने वाइस एडमिरल करमबीर सिंह को अगला नौसेना प्रमुख बनाने को आर्म्ड फोर्स ट्रिब्यूनल में चुनौती दी है. वाइस एडमिरल बिमल वर्मा ने कहा है कि वे करमबीर सिंह से वरिष्ठ हैं. लेकिन उनको प्राथमिकता न देकर वाइस एडमिरल करमबीर सिंह को नौसेना प्रमुख बनाया जा रहा है. 23 मार्च को वाइस एडमिरल करमबीर सिंह को नौसेना का अगला प्रमुख नियुक्त करने की घोषणा की गई थी. वाइस ऐडमिरल वर्मा ने नेवी चीफ के पद पर अपनी नियुक्ति न किए जाने के सिलसिले में केंद्र सरकार के फैसले को सैन्य ट्राइब्यूनल में चुनौती दी है। बता दें कि हाल ही में वाइस ऐडमिरल करमबीर सिंह को नौसेना का अगला प्रमुख नियुक्त किया गया है। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक सिंह, ऐडमिरल सुनील लांबा की जगह लेंगे जो 31 मई को रिटायर हो रहे हैं। वर्तमान में वाइस ऐडमिरल सिंह विशाखापट्टनम में पूर्वी नौसैन्य कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ के तौर पर कार्यरत हैं।

बता दें नव नियुक्त नौसेनाध्यक्ष वाइस एडमिरल करमबीर सिंह इस समय विशाखापट्टनम में पूर्वी नौसैन्य कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ के तौर पर कार्यरत हैं.करमबीर सिंह पंजाब के जालंधर से ताल्लुक रखते हैं. एनडीए में शामिल होने से पहले उन्होंने महाराष्ट्र के बार्न्स स्कूल से स्नातक की पढ़ाई की है. नौसेना की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार वह राष्ट्रीय रक्षा अकादमी खड़कवासला के पूर्व छात्र रहे हैं.

मौजूदा नेवी चीफ सुनील लांबा 31 मई को रिटायर हो रहे हैं। वाइस एडमिरल करमबीर सिंह लांबा की जगह लेंगे। नौसेना में सेवा के लिए एडमिरल करमबीर सिंह को भारत के राष्ट्रपति द्वारा अति विशिष्ट सेवा मेडल भी मिल चुका है।वाइस एडमिरल करमबीर सिंह ने 31 मई 2016 को वाइस चीफ नेवी का पदभार संभाला था। सिंह नेशनल डिफेंस अकेडमी, खडकवासला के छात्र रहे हैं। उन्होंने जुलाई 1980 में नौसेना को ज्वाइन किया। 1982 में वे हेलिकॉप्टर पायलट बने। वे चेतक और कामोव हेलिकॉप्टर भी उड़ा चुके हैं।29 फरवरी 2016 को बिमल वर्मा अंडमान और निकोबार कमान के कमांडर इन चीफ बने। उन्हें अपनी सेवाओं के लिए अति विशिष्ट सेवा मेडल मिल चुका है। उन्होंने जनवरी 1980 में नेवी ज्वाइन की थी।

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