बिहार तो बीमार है ,मौत का बुखार है, नीतीशे कुमार है

0
17

मुजफ्फरपुर:बिहार में ‘चमकी’ बुखार से मरने वाले बच्चों की संख्या बढ़कर 138 से अधिक हो गई है. केवल मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच अस्पताल और केजरीवाल अस्पताल में मरने वाले बच्चों की संख्या देखें तो यह 113 तक पहुंच चुकी है. एसकेएमसीएच में 93 और केजरीवाल अस्पताल में 19 बच्चों की मौत हुई है. चमकी बुखार एक्यूट इन्सेफ्लाइटिस सिंड्रोम (एईएस) को कहा जा रहा है.मौत की शुरुआत के करीब 20 दिन बाद मंगलवार सुबह-सुबह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मुजफ्फरपुर के SKMCH अस्पताल पहुंचे. नीतीश के पहुंचने के बाद बच्चों के मां बाप को उम्मीद थी कि उनके नौनिहालों के साथ हवा में तीर की तरह हो रहे इलाज का कुछ इलाज होगा, दवाएं मिलेंगी, अस्पताल की सेहत सुधरेगी, लेकिन सीएम साहब की पर्देदारी देखकर लोगों के सब्र का बांध टूट गया. लोग नारे लगाते रहे और नीतीश अस्पताल प्रशासन की पीठ थपथपाकर आराम से निकल लिए.चमकी बुखार से हो रही मौतों का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है जिस पर सोमवार को सुनवाई होगी. दो वकीलों ने जनहित याचिका दायर कर मांग की है कि बीमारी से प्रभावित इलाकों में केंद्र और बिहार सरकार को 500 आईसीयू बनाने का आदेश दिया जाए, प्रभावित इलाकों में मेडिकल एक्सपर्ट टीम भेजने के निर्देश दिए जाएं और 100 मोबाइल ICU मुजफ्फरपुर भेजे जाएं. इसके साथ ही मेडिकल बोर्ड का गठन किया जाए.

प्रतिदिन के क्रियाकलापों और वर्तमान स्थिति के संदर्भ में अस्पताल में मीडिया ब्रीफिंग का समय निर्धारित करने का निर्देश अस्पताल अधीक्षक को दिया.मुख्यमंत्री ने पीड़ित बच्चों को देखा और उनके परिजनों से बातचीत की. इसके बाद अस्पताल परिसर में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने 50 साल पुराने एसकेएमसीएच के रिनोवेशन करने और अस्पताल की क्षमता बढ़ाने के लिए प्रस्ताव तैयार करने को कहा. एसकेएमसीएच 2500 बेडों का बनेगा.मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार को तत्काल 890 बेड बढ़ाने के लिए प्रस्ताव भेजने का निर्देश देते हुए कहा कि इससे फिलहाल अस्पताल 1500 बेडों का हो जायेगा. दूसरे फेज में इसकी क्षमता 2500 बेडों की कर दी जायेगी. उन्होंने अस्पताल परिसर में धर्मशाला का निर्माण कराने के लिए कहा, ताकि मरीज के साथ उनके परिजन को ठहरने व इलाज कराने में सुविधा हो.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here