बड़ा खुलासा:आश्रम में मासूमों का यौन शोषण, पढ़िए पूरा मामला

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उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर स्थित गौड़िया मठ के आश्रम में नाबालिग बच्चों से यौनाचार के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। यूपी पुलिस ने गौड़िया मठ के प्रमुख को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक गौड़िया मठ के प्रमुख भक्ति भूषण गोविंद ने ना सिर्फ बच्चों का यौन शोषण किया बल्कि वो बच्चों की पिटाई भी करते थे। इस मामले में मठ प्रमुख के एक सहयोगी अखिलेश दास को भी गिरफ्तार किया गया है।पुलिस की तरफ से बताया गया कि भक्ति भूषण और उनके सहयोगियों ने आश्रम में 10 बच्चों को रखा था। इन सभी को शिक्षा देने के नाम पर आश्रम में लाया गया था। पुलिस के मुताबिक यह सभी बच्चे नॉर्थईस्ट के राज्यों से है खासकर मिजोरम और त्रिपुरा से। मेडिकल रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि चार बच्चों के साथ भक्ति भूषण ने यौनाचार किया है। इसके अलावा इन बच्चों ने आश्रम में पिटाई करने और उनसे मजदूर की तरह काम कराए जाने का आरोप भी लगाया है।
जिला मुख्यालय से 30 किलोमीटर दूर शुक्रताल के एक आश्रम में हर रोज जैसे-जैसे दिन ढलता था, वैसे-वैसे वहां रहने वाले मासूमों में खौफ बढ़ता जाता था। रात को आश्रम का मैनेजर उन्हें ‘कोरोना की दवाई’ कहकर शराब पीने को मजबूर करता था, पॉर्न दिखाता था और उनका यौनशोषण करता था। अगर वे मना करते थे तो उनकी बेरहमी से पिटाई की जाती थी।
ये बच्चे सालों से आश्रम में रहते हैं। उनके गरीब माता-पिता अच्छी शिक्षा-दीक्षा की आस में अपने जिगर के टुकड़ों को आश्रम बड़े विश्वास और उम्मीदों के साथ आश्रम भेजा है लेकिन यहां बच्चों की जिंदगी किसी नरक जैसी बन गई। आश्रम में रहने वाले मिजोरम के एक 10 साल के बच्चे ने चाइल्ड वेलफेयर कमिटी को दिए अपने बयान में बताया, ‘महाराज हमें कोरोना की दवा पिलाते थे। उसके बाद वह नंगे होकर लेट जाते थे और हमें गंदी फिल्में दिखाते थे और हमारे साथ गंदी चीजें करते थे।’ हमारे सहयोगी टाइम्स ऑफ इंडिया के पास चाइल्ड वेलफेयर कमिटी को दिए बच्चों के बयान हैं।

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