बीजेपी और जेडीयू में तकरार शुरू,दोनों दलों के इफ्तार पार्टी का दोनों दल ने किया बाइकाट

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पटना: बिहार में रविवार को बड़ा सियासी बदलाव हुआ। पूर्वाह्न 11.30 बजे राजभवन में राज्‍य के नीतीश मंत्रिमंडल का विस्तार किया गया। राजभवन में आठ नए मंत्रियों ने पद व गोपनीयता की शपथ ली। बाद में उनके विभागों की भी घोषणा कर दी गई। कुछ मंत्रियों के विभागों में फेरबदल भी किया गया। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार 2.0 में एक मंत्री पद का ऑफर ठुकराने के बाद बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने रविवार को राज्य मंत्रिपरिषद का विस्तार किया। इस विस्तार के लिए सीएम नीतीश ने बीजेपी को एक मंत्री पद का ऑफर दिया था जिससे बीजेपी ने इनकार कर दिया था। माना जा रहा है कि केंद्र के प्रस्ताव से नाराज नीतीश ने मंत्रिपरिषद विस्तार में 1 के बदले 1 प्रस्ताव के जरिए बीजेपी से ‘बदला’ लिया है।

यही कारन है की अब जदयू-भाजपा के बीच मनमुटाव के संकेत मिल रहे हैं। राज्य में रविवार को 8 मंत्रियों के शपथ के बाद जनता दल यूनाइटेड ने राजभवन में इफ्तार पार्टी का आयोजन किया था। इसमें भाजपा की तरफ से कोई भी नेता शामिल नहीं हुआ।वहीं दूसरी तरफ उप मुख्यमंत्री और भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी ने भी इफ्तार पार्टी का आयोजन किया। सुशील मोदी की इफ्तार पार्टी में भी कोई जदयू का नेता मौजूद नहीं दिखा। केंद्र की सरकार में जदयू के शामिल नहीं के निर्णय के बाद बिहार में इस मंत्रिमंडल विस्तार को जदयू की तरफ से ‘जवाबी विस्तार’ बताया जा रहा है।

दूसरी तरफ नीतीश ने नए मंत्रिमंडल विस्तार में एक भी भाजपा या लोजपा नेता को जगह नहीं दी। इसके अलावा मंत्रिमंडल के विस्तार में 75 फीसदी पिछड़े और अतिपिछड़े वर्ग के नेताओं को जगह दी गई। बिहार में रविवार को हुए शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल लालजी टंडन ने राजभवन मे जदयू के 8 नेताओं को मंत्री पद की शपथ दिलाई थी।मंत्री पद की शपथ लेने वालों में नरेंद्र नारायण यादव, श्याम रजक, संजय कुमार झा, अशोक चौधरी, बीमा भारती, नीरज कुमार, रामसेवक सिंह और लक्ष्मेश्वर राय शामिल थे। नए मंत्रियों के विभागों का बंटवारा भी कर दिया गया। एक दूसरे की इफ्तार पार्टी में दोनों दलों की तरफ नेताओं का शामिल ना होना क्या इस बात के संकेत दे रहा है कि राज्य में भाजपा-जदयू में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है?

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