राष्ट्रपति के भाषण में मोदी सरकार के कारनामों की जय जयकार

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नई दिल्ली: संसद का बजट सत्र आज से शुरू हो रहा है. 13 फ़रवरी तक चलनेवाले इस सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति के अभिभाषण से हो गई.राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने भाषण की शुरुआत महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देते हुए की. उन्होंने कहा कि मेरी सरकार के प्रयासों में शोषण की राजनीति के विरुद्ध राममनोहर लोहिया की नीतियों की समानता पर आधारित स्पष्ट दिखाई देती थी. उन्होंने कहा कि 2014 के आम चुनाव से पहले देश एक अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा था, चुनाव के बाद मेरी सरकार ने एक नया भारत बनाने के संकल्प लिया. एक ऐसा नया भारत जहां व्यवस्थाओं में अधूरापन ना हो.
राष्ट्रपति ने कहा कि हमारी सरकार का ध्येय था कि सभी देशवासियों का जीवन सुधरे. मेरी सरकार के लक्ष्य देश के गरीबों ने तय किए हैं, इसी सोच ने मेरी सरकार को आगे बढ़ाया. दीनदयाल उपाध्याय के अंतोदय का लक्ष्य यही था. मेरी सरकार ने देश में नई ऊर्जा का संचार किया है, सरकार ने देशवासियों का विश्वास जीता है.राष्ट्रपति ने बताया कि सरकार का लक्ष्य आम नागरिकों की बुनियादी जरूरतें पूरी करने की बात कही. प्रभु बसन्ना की नीति पर हमारी सरकार आगे बढ़ी है. 9 करोड़ से ज्यादा शौचालय का निर्माण हुआ है, 2014 में 40 फीसदी से कम शौचालय थे लेकिन अब 98 फीसदी शौचालय हैं.उन्होंने कहा कि हमने इस साल 2 अक्टूबर तक देश को स्वच्छ बनाने का प्रयास किया है. उज्जवला योजना के तहत 6 करोड़ से ज्यादा गैस कनेक्शन दिए, 2014 तक सिर्फ 12 करोड़ कनेक्शन थे. साढ़े चार साल में कुल 13 करोड़ कनेक्शन दिए.राष्ट्रपति ने अपने भाषण में आयुष्मान भारत योजना का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना है. इसके तहत हर परिवार के प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक के इलाज की व्यवस्था की गई है. 4 महीने में 10 लाख से अधिक लोग अपना इलाज करवा चुके हैं.उन्होंने कहा कि ‘प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना’ के तहत देश भर में अब तक 600 से ज्यादा जिलों में 4,900 जन औषधि केन्द्र खोले जा चुके हैं. इन केन्द्रों में 700 से ज्यादा दवाइयां बहुत कम कीमत पर उपलब्ध कराई जा रही हैं.
उन्होंने कहा की जीएसटी में सुधार की प्रक्रिया लगातार जारी है. जीएसटी से देश में बड़ा टैक्स सुधार हुआ है. ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सुधरा है. मेक इन इंडिया से रोजगार को बढ़ावा मिला है. देशवासियों ने शुरुआती दिक्कतों के बावजूद कम समय में इस प्रणाली को अपनाया है. उन्होंने कहा कि भारत कारोबारी सुगम देश बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.सरकार ने दिव्यांगजनों को सहायता उपकरण दिए. दिव्यांग जनों के लिए सांकेतिक भाषा पर काम किया है. दिव्यांगजनों के लिए 3000 शब्दों की डिक्शनरी प्रकाशित की. 12 लाख दिव्यांगजनों को सहायता उपकरण दिए .सरकार ने स्टार्ट अप इंडिया के लिए काम किया. 1 करोड़ से ज्यादा युवाओं को स्टार्ट अप का लाभ मिला।खेलो इंडिया से खिलाड़ियों का लाभ मिला. खेलो इंडिया के जरिए किया जा रहा प्रोत्साहित।शिक्षा के क्षेत्र में 7 IIT, 7IIM की स्थापना की. शिक्षा के स्तर को सुधारने की कोशिश जारी है. नए केद्रीय और नवोदय विद्धालय खोले जा रहे हैं. सरकार ने शैक्षिक संस्थाओं में सीटों की संख्या बढ़ाई. नए-नए मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं और देशभर में नए एम्स का निर्माण किया जा रहा है.

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