CBI विवाद में फंसे डोभाल,केंद्रीय मंत्री हरिभाई को करोड़ों रुपए देने का आरोप

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नई दिल्ली : सीबीआई के अंदर जारी रार थमती नहीं दिख रही है. अब CBI के DIG मनीष कुमार सिन्हा भी सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए हैं. सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई (CBI Row) के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना के खिलाफ जांच करने वाले सीबीआई अधिकारी मनीष सिन्हा की याचिका पर तुरंत सुनवाई से इनकार कर दिया है. मनीष सिन्हा ने अपने तबादले के खिलाफ याचिका देकर कहा कि उनके पास कुछ चौंकाने वाले दस्तावेज़ हैं, जिन पर तुरंत सुनवाई की ज़रूरत है. इस पर चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने ये कहते हुए जल्द सुनवाई से इनकार कर दिया कि कुछ भी हमें चौंकाता नहीं है. लेकिन अपनी याचिका में सीबीआई अफ़सर ने जो दावे किए हैं वो वाकई सनसनीखेज हैं. सिन्हा की याचिका के मुताबिक, ‘सिन्हा ने पूछताछ में दावा किया कि जून 2018 के पहले पखवाड़े में हरिभाई चौधरी को कुछ करोड़ रुपए दिए गए। हरिभाई ने कार्मिक मंत्रालय के जरिए सीबीआई जांच में दखल दिया था।” सीबीआई डायरेक्टर इसी मंत्रालय को रिपोर्ट करते हैं।”हरिभाई को रकम अहमदाबाद में विपुल के जरिए दी गई। सना ने 20 अक्टूबर को ही पूछताछ के दौरान ये तथ्य बताए थे। इसकी जानकारी तुुरंत सीबीआई डायरेक्टर और एडिशनल डायरेक्टर को दी गई।सिन्हा का दावा है कि 20 अक्टूबर की दोपहर वे सीबीआई के डिप्टी एसपी देवेंद्र कुमार के ऑफिस और घर की तलाशी ले रहे थे। उस वक्त उनके पास सीबीआई निदेशक का फोन आया। सीबीआई निदेशक ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के निर्देश पर तलाशी रोकने को कहा।गौरतलब है कि मनीष कुमार सिन्हा सीबीआई अधिकारी राकेश अस्थाना के खिलाफ रिश्वत लेने के एक अहम मामले की जांच कर रहे थे. सिन्हा ने कोर्ट से कहा है कि अस्थाना ने रिश्वत लेकर हैदराबाद के एक कारोबारी सतीश सना को सीबीआई के सम्मन से बचने में मदद करने का काम किया है. सतीश सना मीट कारोबारी मोइन कुरैशी के खिलाफ चल रहे कई मामलों की सीबीआई जांच में सह-आरोपी है. सतीश सना पर भी मनी लॉन्डरिंग के मामले में जांच हो रही है.

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