चीन की चाल में फंसा नेपाल,एक गांव पर चीन का हुआ क़ब्ज़ा

0
8

नई दिल्ली :सरहद पर तनातनी के बीच चीन बाज नहीं आ रहा है. वह पूर्वी लद्दाख में गलवान घाटी के बाद अब उत्‍तरी लद्दाख के डेपसांग में फौजों की संख्‍या बढ़ा रहा है. इस तरह उसने नया मोर्चा खोल दिया है. नतीजतन दौलत बेग ओल्‍डी (डीबीओ) में तैनात भारतीय सैनिकों की संख्या बढ़ाई गई. इस क्षेत्र में 2013 में दोनों पक्षों के बीच लंबा तनाव देखा जा चुका है.दअअसल चीन का मकसद धीरे-धीरे कई नेपाली क्षेत्रों पर पूर्ण नियंत्रण करने का है. इसी लक्ष्य के तहत चीन ने गोरखा जिले के रूई गांव पर कब्जा कर लिया है. इतना ही नहीं चीन ने अपने अतिक्रमण को वैध ठहराने के लिए गांव के सीमा स्तंभों को भी हटा दिया है.

जानकारी के मुताबिक चीन का गोरखा जिले में स्थित रुई गांव पर पूरी तरह से कब्जा हो चुका है और यहां के 72 परिवार अपनी मूल पहचान के लिए संघर्ष कर रहे हैं. बताया जा रहा है कि चीन ने दो सालों में व्यवस्थित रूप से इस गांव पर कब्जा किया है.रूई गांव के अलावा चीन नेपाल के 11 इलाकों पर कब्जा कर चुका है. सीमा से सटी नेपाल की करीब 36 हेक्टेयर भूमि पर चीन ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया है. लेकिन नेपाली सरकार ने इस मसले पर चुप्पी साध रखी है.

अब इसे नेपाल की सरकारों की लापरवाही कहें या फिर कुछ और मगर यहां के गोरखा जिले के आने वाले रूई गांव पर चीन पिछले छह दशकों यानी 60 सालों से अपना नियंत्रण किए हुए है। रूई गांव पर अब चीन का प्रशासनिक अधिकार है और अब चीन इसे तिब्‍बत ऑटोनोमॉस रीजन (टीएआर) का हिस्‍सा बताने लगा है। नेपाल की स्‍थानीय मीडिया रिपोर्ट ने कहा है कि पिछले कई सालों से सरकारों की लापरवाही पर किसी का ध्‍यान ही नहीं गया। यह खबर ऐसे समय में सामने आई है जब नेपाल में प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के खिलाफ जनता की नाराजगी बढ़ती जा रही है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here