हैदराबाद एनकाउंटर पर चीफ जस्टिस बोबडे ने दिया बड़ा बयान

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नई दिल्ली :हैदराबाद में गैंगरेप के आरोपियों के एनकाउंटर पर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस शरद अरविंद बोबडे ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने गैंगरेप के आरोपियों के एनकाउंटर में मारे जाने की घटना की आलोचना की है. जोधपुर में एक कार्यक्रम में जस्टिस शरद अरविंद बोबडे ने कहा कि न्याय कभी भी आनन-फानन में किया नहीं जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर न्याय बदले की भावना से किया जाए तो अपना मूल चरित्र खो देता है.

बता दें कि हैदराबाद में शुक्रवार तड़के एक एनकाउंटर में पुलिस ने रेप के चार आरोपियों को ढेर कर दिया था. पुलिस का दावा है कि जब वह आरोपियों को लेकर घटनास्‍थल पर सीन को रीक्रिएट करने पहुंची थी, उसी समय इन आरोपियों ने भागने की कोशिश की, पुलिस ने उन्‍हें सरेंडर करने के लिए कहा, लेकिन उन्‍होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया. इसके बाद गोलीबारी में चारों की मौत हो गई.
जोधपुर में राजस्थान हाईकोर्ट की नई इमारत के उद्घाटन समारोह में जस्टिस एसए बोबडे ने कहा, “मैं नहीं समझता हूं कि न्याय कभी भी जल्दबाजी में किया जाना चाहिए. मैं समझता हूं कि अगर न्याय बदले की भावना से किया जाए तो ये अपना मूल स्वरूप खो देता है”. उन्होंने कहा कि न्याय को कभी भी बदले का रूप नहीं लेना चाहिए.
सीजेआई बोबडे ने कहा, “देश में हाल ही के दिनों में हुई घटनाओं ने पुरानी बहस को नए सिरे से तेज कर दिया है। इसमें कोई शक नहीं है कि आपराधिक न्याय प्रणाली को अपने लचरपन और फैसले में लगने वाले समय को लेकर अपना नजरिया बदलना चाहिए। लेकिन, मुझे नहीं लगता कि कभी भी तुरंत न्याय किया जाना चाहिए या न्याय को बदले के रूप तब्दील होना चाहिए।
वहीँ राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा, “क्या आज कोई गरीब या असहाय व्यक्ति अपनी शिकायत लेकर यहां पहुंच सकता है? यह सवाल सबसे महत्वपूर्ण है, क्योंकि संविधान की प्रस्तावना में हमने सभी को न्याय देने की जिम्मेदारी स्वीकार की है।” राष्ट्रपति ने कहा, “अगर हम गांधीजी के मापदंड का ध्यान रखें और सबसे गरीब और कमजोर आदमी के बारे में सोचें, तो हमें सही रास्ता दिखाई देगा।”

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