कोरोना वैक्‍सीन को लेकर बड़ी खुशखबरी

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नई दिल्ली :कोरोना वैक्‍सीन ट्रायल में रूस निकला सबसे आगे, जानिए 5 बड़े अपडेटदुनियाभर में कोरोना वायरस वैक्‍सीन्‍स के ट्रायल (Coronavirus Vaccine trial) सामान्‍य से कई गुना स्‍पीड से हो रहे हैं। इसके बावजूद कम्‍प्‍लीट ट्रायल और वैक्‍सीन अप्रूव होने में 12-18 महीने का वक्‍त लगेगा। स्‍वदेशी कोविड-19 वैक्‍सीन COVAXIN का ह्यूमन ट्रायल (COVAXIN human trial) भी शुरू होने जा रहा है। वालंटियर्स का रजिस्‍ट्रशन लगभग पूरा होने को है। दिल्‍ली, पटना एम्‍स सहित देश के 12 संस्‍थानों को ट्रायल की परमिशन दी गई है। यह वैक्‍सीन ICMR-NIV और भारत बायोटेक ने मिलकर बनाई है। दुनियाभर में वैक्‍सीन को लेकर ट्रायल में तेजी आई है। कई वैक्‍सीन अब थर्ड फेज में पहुंच गई हैं। एक्‍सपर्ट्स को उम्‍मीद है कि इस साल के आखिर तक एक कन्‍फर्म वैक्‍सीन तैयार हो सकती है।
इंस्टीट्यूट फॉर ट्रांसलेशनल मेडिसिन एंड बायोटेक्नोलॉजी के निदेशक वदिम तरासोव ने कहा कि विश्वविद्यालय ने 18 जून को रूस के गेमली इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी द्वारा निर्मित टीके के ​​परीक्षण शुरू किया था। तारासोव ने कहा कि सेचेनोव विश्वविद्यालय ने कोरोनोवायरस के खिलाफ दुनिया के पहले टीके के स्वयं सेवकों पर सफलतापूर्वक परीक्षण पूरा कर लिया है।
इंस्टीट्यूट फॉर ट्रांसलेशनल मेडिसिन एंड बायोटेक्नोलॉजी के निदेशक वदिम तरासोव के मुताबिक, विश्वविद्यालय ने 18 जून को रूस के गेमली इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी द्वारा निर्मित टीके का ​​परीक्षण शुरू किया था. सेचेनोव विश्वविद्यालय ने पहले टीके के वॉलेंटियर्स पर सफलतापूर्वक परीक्षण को पूरा कर लिया है. सेचनोव यूनिवर्सिटी में इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल पैरासिटोलॉजी, ट्रॉपिकल एंड वेक्टर-बॉर्न डिजीज के निदेशक अलेक्जेंडर लुकाशेव ने कहा कि हमने कोरोना टीके के साथ काम करना शुरू किया है. ट्रायल में स्वयंसेवकों के दूसरे समूह को 20 जुलाई को छुट्टी दी जाएगी.

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