रुप बदलकर और घातक हुआ कोरोनावायरस !

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दुनियाभर में लाखों लोगों की जान ले चुका कोरोनावायरस लगातार अपना रूप बदल रहा है….कोरोनावायरस किसी इंसानी दिमाग की तरह आगे बढ़ रहा है और समय-समय पर खुद को जिंदा रखने के लिए अपने रूप भी बदल रहा है….कोरोना को पहचानने के लिए विशेषज्ञ लगातार रिसर्च कर रहे है और हर बार की रिसर्च से चौंकाने वाली बातें सामने आती है….इस बार भी कुछ ऐसा सामने आया जो चिंता में डालने वाला है….दरअसल, अमेरिका की स्क्रिप्स रिचर्स इंस्टीट्यूट की एक नई रिसर्च सामने आई है…रिसर्च के मुताबिक, कोरोना वायरस के रूप बदलने की दर धीमी जरूर हुई है, लेकिन ये और ज्यादा खतरनाक हो गया है….आपको बता दें कि अबतक कोरोना के 24 अलग-अलग स्ट्रेन मिल चुके है

अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित स्क्रिप्स रिचर्स इंस्टीट्यूट की ये स्टडी पब्लिश की जा चुकी है….इसमें कहा गया है कि संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोप में होने वाले कोविड-19 का संक्रमण पहले से और ज्यादा खतरनाक, कार्यात्मक और सेल-बाइंडिंग स्पाइक्स वाले हो गए हैं….म्यूटेशन कम जरूर हुआ है, लेकिन खतरा बढ़ गया है…..स्टडी के मुताबिक, लैब टेस्टिंग में पता चला कि पूरे यूरोप और अमेरिका में SARS कोरोना वायरस के 2 वैरिएंट में एक छोटा परिवर्तन हुआ है, जो शरीर के सेल्स को संक्रमित करने की वायरस की क्षमता को काफी बढ़ाता है…..विशेषज्ञों का मानना है कि म्यूटेशन के साथ कोरोना वायरस और ज्यादा जानलेवा हो जाता है….ऐसा इसलिए क्योंकि वो नए रंग रूप और नई ताकत के साथ पैदा होता है….

डेली मेल में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, स्क्रिप्स रिसर्च इंस्टीट्यूट की स्टडी से ऐसे संकेत मिले हैं कि अमेरिका, ब्रिटेन और इटली में कोरोनावायरस का ऐसा म्यूटेशन देखने को मिला जो वुहान में पाए गए कोरोना वायरस से 10 गुना तक ज्यादा संक्रामक और खतरनाक है….वैज्ञानिकों का कहना है कि कोरोना का ये म्यूटेशन स्ट्रेन तेजी से शरीर के रिसेप्टर्स पर अटैक करता है….कोरोनावायरस के इस वर्जन को D614G नाम दिया गया है….इस स्ट्रेन में अन्य वायरस के मुकाबले 4 से पांच गुना ज्यादा ‘स्पाइक्स प्रोटीन’ होते हैं.

स्टडी के मुताबिक, न सिर्फ कोरोना वायरस का D614G वर्जन 10 गुना ज्यादा संक्रामक है, बल्कि यह ज्यादा स्थिर भी है l आपको बता दें कि कई देशों के वैज्ञानिक ये समझने की कोशिश कर रहे हैं कि क्यों कोरोना वायरस कुछ शहरों और देशों में अधिक कहर बरपा रहा है, जबकि कुछ जगहों पर कम….इससे पहले भी कुछ रिसर्च में ये सामने आया था कि D614G स्ट्रेन इटली, ब्रिटेन और न्यूयॉर्क शहर में काफी ज्यादा मौजूद था….इन जगहों पर कोरोनावायरस बेहद तेजी से लोगों में फैला और कुछ ही दिनों में हजारों लोगों की जान ले ली l इस बात पर काफी बहस हो रही है कि कोविड-19 महामारी ने दुनिया के कुछ हिस्सों में स्वास्थ्य प्रणालियों को जल्दी से क्यों प्रभावित किया, जबकि दूसरे जगहों पर प्रकोप को आसानी से नियंत्रित किया गया है….स्टडी के मुताबिक, इसका कारण म्यूटेशन ही है, जिसकी अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग दर है l

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