मोदी सरकार को अदालत की ज़बरदस्त फटकार,ताजमहल के मामले में फंस गई सरकार

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नई दिल्ली: ताजमहल को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार पर जमकर फटकार लगाई है. कोर्ट ने कहा, ताज को सरंक्षण दो या बंद कर दो या ध्वस्त कर दो. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एफ़िल टॉवर को देखने 80 मिलियन लोग आते है, जबकि ताजमहल के लिए मिलियन. आप लोग ताजमहल को लेकर गंभीर नहीं है और न ही आपको इसकी परवाह है. हमारा ताज ज्यादा खूबसूरत है और आप टूरिस्ट को लेकर गंभीर नहीं है. ये देश का नुकसान है, ताजमहल को लेकर घोर उदासीनता है.इस दौरान न्यायाधीशों यह भी कहा कि ताज ‘एफिल टॉवर’ से भी ज्यादा सुंदर है और यह अधिक सुंदर है” और यह देश की विदेशी मुद्रा की समस्या को भी हल कर सकता है।

बता दें उच्चतम न्यायालय ने यह बातें ताजमहल के के उचित रखरखाव की मांग वाली याचिका की सुनवाई के दौरान कही। बताते चलें कि 16वीं सदी में बने इस संगमरमर के मकबरे की सुंदरता को देखने के लिए सिर्फ देश से ही नहीं बल्कि विदेशों से हर साल हजारों पर्यटक आते हैं। इस मकबरे को प्रेम का प्रतीक माना जाता है। क्योंकि इसे मुगल बादशाह शाहजहां ने अपनी बेगम मुमताज की याद में बनवाया था।शीर्ष अदालत ने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ताजमहल की सुरक्षा और उसके संरक्षण को लेकर विजन डॉक्यूमेंट पेश करने में विफल रही है. कोर्ट ने इसके साथ ही इस महत्वपूर्ण स्मारक के संरक्षण को लेकर केंद्र की तरफ से उठाए गए कदमों और आगे के लिए जरूरी कार्रवाई के बारे में विस्तृत जानकारी पेश करने को कहा है.

जस्टिस मदन बी लोकुर और जस्टिस दीपक गुप्ता की बेंच ने कहा कि ताजमहल के संरक्षण के बारे में संसद की स्थायी समिति की रिपोर्ट के बावजूद सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं.सुप्रीम कोर्ट बेंच ने उत्‍तर प्रदेश सरकार से पूछा है कि ताजमहल के आसपास उद्योगों को बढ़ाने के लिए अनुमति क्‍यों दी गई? सुप्रीम कोर्ट ने पेरिस की ऐफल टॉवर का उदाहरण देते हुए कहा कि उत्‍तर प्रदेश सरकार वहां से सीखे कि एतिहासिक इमारतों को कैसे सहेजा जाता है.नाराज़ सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एक ओर फ्रांस के एफ़िल टॉवर को देखने 80 मिलियन लोग आते है, जबकि ताजमहल के लिए सिर्फ 5 मिलियन, आप लोग ताजमहल को लेकर गंभीर नहीं है और न ही आपको इसकी परवाह है.

आप टूरिस्ट को लेकर गंभीर नहीं है. आपकी वजह से ये देश का नुकसान हो रहा है, ताजमहल को लेकर घोर उदासीनता है.क्योंकि आपको ताज को बचाने, टूरिस्टों के लिए सुविधा जुटाने से ज़्यादा इसे बिगाड़ने की चिंता है. तभी तो आपने उद्योग लगाने की अर्ज़ियां ले ली हैं. सुप्रीम कोर्ट ने फिर सवाल उठाया कि Taj Trapezium Authority (TTZ) में उद्योग लगाने के लिए लोग आवेदन कर रहे है और उनके आवेदन पर विचार भी हो रहा है.सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा PHD चेंबर्स को कहा कि जो इंडस्ट्री चल रही है उसको क्यों ना आप खुद बंद करें. TTZ की तरफ से कहा गया कि वो अब TTZ में कोई नई फैक्ट्री खोलने की इजाजत नहीं देगा, सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि TTZ कुछ नई फैक्ट्रियों के आवेदन पर विचार कर रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने TTZ के चेयरमैन को नोटिस जारी कर सुप्रीम कोर्ट में तलब किया है.

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