सिर्फ वैक्सीन से नहीं चलेगा काम ,लगवाना होगा बूस्टर ,और वह भी हर साल

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अभी तक कोरोना बीमारी का कोई इलाज न मिलने के कारण इससे बचाव का सबसे कारगर और प्रभावी उपाय वैक्‍सीन है. हालांकि अभी भी यह शोध का विषय है कि वैक्‍सीन (Vaccine) के बाद आखिर कितने दिनों तक खुद को सुरक्षित रखा जा सकता है. कोरोना के खिलाफ भारत में कोविशील्‍ड (Covishield) और कोवैक्‍सीन (Covaxin) जबकि विदेशों में फाइजर, स्‍पूतनिक आदि वैक्‍सीनें बन चुकी हैं और सभी के अलग-अलग दावे भी हैं लेकिन अब विशेषज्ञों की ओर से सामने आ रही जानकारी कह रही है कि सिर्फ वैक्‍सीन की दो डोज लगवाकर ही आप खुद को लंबे समय तक सुरक्षित नहीं रख सकते.

दरअसल कोरोना वैक्‍सीन की दो डोज लेने के बाद शरीर में पर्याप्‍त एंटीबॉडी (Antibody) बन जाती हैं. इसका प्रभाव होता है कि जब भी शरीर कोरोना वायरस (Corona Virus) की चपेट में आता है तो ये एंटीबॉडी वायरस से मुकाबला करती हैं और व्‍यक्ति को हानि नहीं पहुंचने देती. हालांकि अब सामने आ रहे रिसर्च बता रहे हैं कि लंबे समय तक शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता पैदा करने के लिए अब वैक्‍सीन का बूस्‍टर शॉट (Booster Shot) भी लगवाना होगा।
आप को बता दें की AIIMS दिल्ली में कोवैक्सीन की बूस्टर डोज का ट्रायल शुरू हो गया है। कोवैक्सिन निर्माता भारत बायोटेक ने सोमवार से बूस्टर डोज का ट्रायल शुरू कर दिया है। बूस्टर डोज के ट्रायल में उन लोगों को शामिल किया जा रहा है जिन्हें फेज दो के ट्रायल के दौरान दूसरे डोज लिए छह महीने पूरे हो चुके हैं, यानी जिन्हें पिछले साल सितंबर और अक्टूबर के बीच वैक्सीन लगी थी। भारत बायोटेक को ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) के विशेषज्ञ पैनल से अप्रैल में कोवैक्सीन के तीसरे डोज यानी बूस्टर डोज के लिए क्लिनिकल ट्रायल करने की अनुमति मिली थी।

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