12 साल के मुस्लिम बच्चे ने समुद्र की सफाई करने वाले जहाज किया डिजाइन

0
201

पुणे. समुद्र में बढ़ते प्रदूषण को कम करने के लिए 12 साल के हाजिक काजी ने एक शिप डिजाइन किया है। काजी ने इसका नाम एरविस रखा है। काजी ने बताया कि मैंने कुछ डॉक्यूमेंट्री देखी थीं। तब मुझे महसूस हुआ कि मरीन लाइफ (समुद्री जीव-जंतु और पौधे) पर अपशिष्ट का बुरा असर पड़ रहा है। उनके इस आइडिया की दुनियाभर में तारीफ हो रही है।

ERVIS न केवल समुद्री प्रदूषण को कम करेगा, बल्कि यह समुद्री जीवों की भी सुरक्षा करेगा. ERVIS को डिजाइन करने वाले 12 साल के इस बच्चे का नाम हाजिक काजी है. काजी ने कहा कि उन्होंने कुछ डॉक्यूमेंट्री देखी और महसूस किया कि समुद्र में फैलने वाले कचरे से समुद्री जीवों को काफी नुकसान पहुंच रहा है. जिसके बाद उन्होंने समुद्री जीवन को बचाने के लिए कुछ करने का मन बना लिया.काजी ने कहा कि जिन मछलियों को हम खाने में खाते हैं, वे समुद्र में प्लास्टिक का कचरा खाती हैं. जिससे समुद्री कचरा घूम-फिरकर हमारे शरीर में आकर इकट्ठा हो रहा है. बता दें कि 12 वर्षीय काजी फिलहाल कई लोगों और संस्थाओं के साथ मिलकर काम कर रहे हैं. वे लोगों को समुद्री प्लास्टिक प्रदूषण के प्रति जागरुक करने का भी काम कर रहे हैं.

जहाज के फीचर के बारे में काजी ने बताया, ‘जहाज सेंट्रीपेटल फोर्स का इस्तेमाल करके कचरे को खींच लेगा। इसके बाद यह पानी, मरीन लाइफ और कचरे को अलग-अलग करेगा। मरीन लाइफ और पानी को वापस समुद्र में भेज दिया जाएगा जबकि प्लास्टिक वेस्ट को 5 अलग-अलग भागों में बांटा जाएगा।’ गौरतलब है कि काजी अपनी इस अनोखी खोज से TedEx और Ted8 के जरिए इंटरनैशनल प्लैटफॉर्म में सुर्खियां बटोर चुके हैं।काजी के अनुसार उनके द्वारा डिजाइन किए गए जहाज के मॉडल के बेस से एक मशीन जुड़ी होगी जो समुद्र से प्लास्टिक के कचरे को निकालने का काम करेगी।

एएनआई के मुताबिक हाजिक काजी ने कहा, “मैंने कुछ डॉक्युमेंट्री देखीं और महसूस किया कि समुद्र के जीव-जंतुओं पर कचरे का कितना असर होता है। मैंने सोचा कि कुछ करना चाहिए।काजी ने कहा, “हम जो मछली खाने में खाते हैं, वह समुद्र में प्लास्टिक खा रही हैं इसलिए एक तरह से हम भी समुद्र की गंदगी खा रहे हैं और यह मानव जीवन को भी प्रभावित कर रही है। इसलिए मैंने एक जहाज का डिजाइन तैयार किया, जो समुद्र की गंदगी साफ करेगा और इसे एर्विस (ERVIS) नाम दिया है।” उन्होंने कहा कि 9 वर्ष की उम्र में ही उनके दिमाग में ये आइडिया आ गया था और जिसके बाद वह समुद्री जीव जंतुओं के लिए कुछ करना चाहते थे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here