क्या EVM हैक कर के 2014 में मोदी लहर चलाई गई थी? पढ़िए इस नए हंगामे की पूरी कहानी

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नई दिल्ली :लंदन में अमेरिकी साइबर एक्सपर्ट सैयद शुजा ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए कई सनसनीखेज दावे किए. शुजा ने दावा किया कि 2014 लोकसभा चुनाव में ईवीएम को हैक किया गया था और उसी के दम पर बीजेपी की जीत हुई थी. इसके साथ ही शुजा का ये भी दावा है कि बीजेपी नेता गोपीनाथ मुंडे की मौत हादसे में नहीं हुई थी, बल्कि उनकी हत्या की गई थी. शुजा के मुताबिक, गोपीनाथ मुंडे और गौरी लंकेश की मौत कहीं न कहीं ईवीएम से जुड़ी हुई थी. सैयद शुजा ने वीडियो कॉन्फ्रेंस में दावे तो किए लेकिन वो इसके सबूत पेश नहीं कर पाए. फिलहाल सवाल यह है कि आखिर ये सनसनीखेज दावे करने वाला सैद शुजा है कौन?
कहा जा रहा है कि सैयद शुजा एक साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर है, जो हैदराबाद का रहने वाला है और फिलहाल अमेरिका में नौकरी करता है. सैयद शुजा की मानें तो वो भारत में वोटिंग के लिए ईवीएम मशीन बनाने वाली टीम का हिस्सा था. शुजा के मुताबिक, वो ECIL (भारत इलेक्ट्रॉनिक्स निगम लिमिटेड) में काम करता था.
हैकर ने दावा किया है कि ट्रांसमीटर के जरिये ईवीएम की हैकिंग हो सकती है. हैकर ने कहा कि 14 लोगों की उसकी टीम है. उसका दावा है कि उस पर हमले भी हो चुके हैं. जिसके चलते उसने अमेरिका में शरण ली है. हैकर के इस खुलासे पर सवाल उठे हैं. खास बात ये है कि लंदन में हैकर के उस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस पार्टी के नेता कपिल सिब्बल भी मौजूद थे. इस कार्यक्रम का आयोजन लंदन में इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन ने किया था.

हैकर के इस खुलासे पर चुनाव आयोग ने कहा है कि ईवीएम हैकिंग का दावा गलत है. चुनाव आयोग चुनाव में जिन ईवीएम का इस्तेमाल करता है, वह पूरी तरह से सुरक्षित है. मशीन तकनीकी विशेषज्ञों की निगरानी में ही तैयार होती है. लंदन में हैकिंग को लेकर आयोजित कार्यक्रम को चुनाव आयोग ने प्रायोजित करार दिया है.

स्काईप के जरिये लंदन में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए शख्स ने दावा किया कि 2014 में वह भारत से पलायन कर गया था क्योंकि अपनी टीम के कुछ सदस्यों के मारे जाने की घटना के बाद वह डरा हुआ था। शख्स की पहचान सैयद शुजा के तौर पर हुई है. शुजा ने बताया कि भाजपा राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में चुनाव जीत जाती अगर उनकी टीम इन तीनों राज्यों में ट्रांसमिशन हैक करने की भाजपा की कोशिश में दखल नहीं दिया होता.


हैकर के इस खुलासे के बाद केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, ”ईवीएम कभी हैक नहीं हो सकती. ईवीएम को लेकर कांग्रेस दुष्प्रचार कर रही है. हार पर हैकिंग को लेकर हॉरर शो बनाया जा रहा है.” मुख्तार अब्बास नकवी ने कार्यक्रम में कपिल सिब्बल की मौजूदगी को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं.

बता दें की शुजा ने यह भी दावा किया है कि 2015 के दिल्ली विधानसभा चुनावों में भी उसने आम आदमी पार्टी के पक्ष में ईवीएम को हैक किया था। शुजा ने कहा कि ईवीएम को हैक किया जा सकता है। हैक कैसी होगी? इस सवाल पर उन्होंने कहा कि ट्रांसमीटर के जरिए हैक किया जा सकता है। इस कार्यक्रम का आयोजन इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन (यूरोप) ने किया था। इस दौरान कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल भी मौजूद रहे।

हैकर ने कहा उसकी 14 लोगों की टीम है। इस टीम के द्वारा ही ईवीएम को हैक किया गया है। शुजा ने कहा कि हैकिंग को लेकर हमला भी हो चुका है। इसीलिए उसने अमेरिका में शरण ले रखी है। उसने दावा किया है कि वह ईवीएम बनाने वाली टीम का हिस्सा रह चुका है। इसलिए वह हैकर करने का तरीका जानता है। वहीं, चुनाव आयोग ने कहा है कि वह इस तरह का दावा करने को लेकर कानूनी कार्रवाई पर विचार कर रहा है।

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