अमेरिका-ब्रिटेन में तोड़ी जा रही है मूर्तियां !!

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श्वेत-अश्वेत को लेकर अमेरिका में भड़की हिंसा अब दूसरे देशों में फैल गई है….अमेरिका में प्रदर्शनों का सिलसिला कम क्या हुआ दूसरे देश अमेरिका की राह पर चलने लगे…ब्रिटेन में अब जॉर्ज फ्लॉइड की मौत पर जोरदार प्रदर्शन हो रहा है….अमेरिका के बाद अब ब्रिटेन में रंगभेद को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं….ब्रिटेन में कई जगहों पर प्रदर्शनों ने हिंसक रूप भी धारण कर लिया है… ..शनिवार को ब्रिटेन में लंदन सहित 20 प्रमुख शहरों में लोगों ने हिंसक प्रदर्शन किया….प्रदर्शनकारियों को पुलिस पर पानी की बोतलों को फेंकते देखा गया….वहीं, इसके जवाब में पुलिस ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए लाठी चार्ज किया और उन पर आंसू गैस के गोले दागे।  दरअसल, लंदन में प्रदर्शनकारियों का दो ग्रुप पहुंचा था….पहला ग्रुप खुद को रंगभेद विरोधी बता रहा था…..इसमें वे लोग शामिल थे, जो अब तक शहर में लगीं मूर्तियों को नुकसान पहुंचा रहे थे….वहीं, दूसरे ग्रुप का कहना था कि वे यहां मूर्तियों की सुरक्षा करने के लिए आए हैं। इनमें से कई लोगों को पार्लियामेंट स्क्वायर में ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल की प्रतिमा को घेरकर खड़े हुए देखा गया…. 

दूसरी तरफ, हिंसक प्रदर्शनों को लेकर ब्रिटिश सरकार सख्त है….गृह सचिव प्रीति पटेल ने कहा है कि किसी भी तरह की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी….आपको बता दें कि, प्रदर्शनों से पहले लंदन में देश-विदेश के प्रसिद्ध व्यक्तियों की मूर्तियों को ढंकने का सिलसिला जारी रहा…

ऐसा नहीं है कि मूर्तियों के साथ तोड़-फोड़ की घटनाएं केवल ब्रिटेन में हो रही है….प्रदर्शन का मुख्य गढ़ अमेरिका भी इसका गवाह बना हुआ है….यहां कई मूर्तियों को नुकसान पहुंचाया गया है…इनमें से एक मूर्ति महात्मा गांधी की थी, जिसको लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुख भी जताया था और अमेरिका ने इसपर मांफी भी मांगी थी… .वहीं, अमेरिका के कोलंबिया शहर में प्रशासन ने कोलंबस की प्रतिमा को हटाकर सुरक्षित स्थान पर रख दिया है….अमेरिका की खोज करने वाले यात्री क्रिस्टोफर कोलंबस के नाम पर इस शहर का नाम रखा गया था….इसी के साथ ही केंटकी में भी कई मूर्तियों को सुरक्षित स्थानों पर रखा गया है

अमेरिका में हो रहे प्रदर्शनों को दुनियाभर के नेताओं का समर्थन मिल रहा है….इन नेताओं ने प्रदर्शनों से निपटने में ट्रंप सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों की आलोचना भी की है….कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने रंगभेद को लेकर हो रहे प्रदर्शनों पर कहा कि कनाडा में भी व्यवस्थागत भेदभाव है, लेकिन हमें इसके खिलाफ लड़ाई में सहयोगी बनने की जरूरत है।  जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल ने कहा कि ट्रंप का राजनीतिक अंदाज विवादास्पद है….प्रदर्शनों के चलते अमेरिकी समाज दो हिस्सों में बंट गया है। वहीं, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा कि सभी लोगों को अपने ऊपर हो रहे अन्याय पर भावनाएं व्यक्त करने के लिए प्रदर्शन का अधिकार है। 

बहरहाल, जिस तरीके से अमेरिका के साथ-साथ दूसरे देशों में प्रदर्शन के साथ हिंसा हो रही है वो चिंताजनक है….इस वक्त कोरोना महामारी भी है इसीलिए प्रदर्शन के चलते कोरोना भी लगातार बढ़ रहा है, जो किसी भी देश के लिए एक चिंता का विषय है l

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