महंगाई का डबल डोज,पट्रोल डीज़ल के बाद अब मोबाइल फोन भी हुआ महंगा

0
9

नई दिल्ली :वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आज जीएसटी काउंसिल की 39वीं बैठक हुई। बैठक में मोबाइल पर जीएसटी 12 फीसदी से बढ़ाकर 18 फीसदी कर दिया गया है। इसका मतलब साफ है कि मोबाइल फोन महंगा होने वाला है। कोरोना के कारण पहले ही इसकी कीमत में तेजी आई है। चीन से सप्लाई प्रभावित होने के कारण ज्यादार ब्रैंड के मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक गजेट पहले से ही महंगे हो रहे हैं।बैठक में फैसला लिया है कि फर्टिलाइजर्स और फु​टवियर पर लगने वाली जीएसटी दरों (GST Rates) में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा. प्राप्त जानकारी के मुताबिक, टेक्सटाइल आइटम्स पर भी जीएसटी दरों को तर्कसंगत करने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया है. हालांकि, काउंसिल ने मोबाइल फोन्स पर लगने वाले जीएसटी दर को 12 फीसदी से बढ़ाकर 18 फीसदी कर दिया गया है.काउंसिल की बैठक में फैसला लिया गया है कि B2B सप्लाई और एक्सपोर्ट्स के लिए GSTR-1 फॉर्म भरना अनिवार्य होगा.

जीएसटी काउंसिल की आज 39वीं बैठक हुई. इस बैठक में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण समेत कई राज्यों के वित्त मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए. बताया जा रहा है कि इस बैठक में कोरोना वायरस की वजह से अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभावों पर भी चर्चा की गई.GST काउंसिल बैठक के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि अब माचिस पर 12 फीसदी का जीएसटी लगेगा. पहले हाथ से बनाए गए माचिस पर 5 फीसदी और अन्य पर 18 फीसदी का टैक्स लगता था. इसके अलावा जीएसटी नेटवर्क को और अधिक बेहतर बनाया जाएगा. इसके लिए आईटी कंपनी इन्‍फोसिस के को-फाउंडर नंदन नीलेकणी ने प्रजेंटेशन भी दिया है.इसके साथ ही एयरक्राफ्ट के मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल (MRO) सर्विस पर जीएसटी की दर में कटौती की गई है. पहले ये 18 फीसदी के स्‍लैब में आता था, जो अब घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है. जीएसटी काउंसिल ने ये फैसला भारत में MRO सर्विस को बढ़ावा देने के मकसद से लिया है.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि वित्त वर्ष 2018-19 के लिए वार्षिक रिटर्न दाखिल करने और विवरण के समाधान के लिए नियत तारीख को 30 जून 2020 तक बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि 2 करोड़ रुपये से कम कुल कारोबार वाले करदाताओं को 2017-18 और 2018-19 के लिए वार्षिक रिटर्न और विवरण के समाधान दाखिल करने में देरी होने के लिए लेट फीस नहीं देनी होगी। वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (MSME) से जुड़े जिन व्यापारियों का टर्न ओवर पांच करोड़ से कम है, उन्हें वित्त वर्ष 2018-19 के लिए जीएसटीआर 9सी का फॉर्म भरने में छूट दी गई है।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here