किंगफ़िशर के बाद जेट एयरवेज भी हुआ सर्विस से बाहर ,सरकार मदद को नहीं हुई तैयार

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नई दिल्ली :गंभीर नकदी संकट से जूझ रही जेट एयरवेज लिमिटेड बुधवार को अस्थायी रूप से अपना परिचालन बंद करने को मजबूर हो गई है। बैंकों ने फिलहाल कंपनी को आपात फंड उपलब्‍ध कराने से इनकार कर दिया है। रॉयटर्स में प्रकाशित खबर के अनुसार, इस मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों से यह बात सामने आई है। 25 साल पुरानी कंपनी आज भले ही गर्दिशों में हो, लेकिन एक समय बाजार में इसकी तूती बोलती थी। जेट एयरवेज के चेयरमैन पद से हाल ही में इस्तीफा देने को मजबूर हुए नरेश गोयल ने कभी टैक्सी एजेंसी के रूप में इसकी शुरुआत की थी।दरअसल फिलहाल जेट एयरवेज के 5 विमान परिचालन में हैं, लेकिन वो भी बुधवार रात से उड़ान नहीं भरेंगे. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जेट की आखिरी फ्लाइट आज रात 10:30 बजे उड़ेगी. कहा जा रहा है जेट एयरवेज की बोर्ड मीटिंग के बाद यह फैसला लिया गया है.

बता दें, वित्तीय संकट से जूझ रही जेट एयरवेज ने मंगलवार को कर्जदाताओं से 400 करोड़ रुपये की अंतरिम कोष की मांग की थी. ताकि एयरलाइन का सभी परिचालन अस्थाई रूप से बंद होने से बचाया जा सके. वर्तमान नियमों के तहत किसी एयरलाइन को अपने एयर परिचालन परमिट को जारी रखने के लिए कम से कम 5 विमानों का परिचालन करने की जरूरत है.वहीं जेट एयरवेज की हालात को देखकर कर्मचारियों की निराशा चरम पर पहुंच चुकी है. अभी तक कर्जदाताओं से इमरजेंसी फंड मिलने की एक उम्मीद दिख रही थी लेकिन अब वो भी रास्ते बंद हो चुके हैं. इससे पहले जेट एयरवेज ने 15 अप्रैल को अपने अंतरराष्ट्रीय परिचालन को 18 अप्रैल तक रोकने की घोषणा की थी. ऋणदाताओं से कोष नहीं मिलने की वजह से यह फैसला लिया गया था.

जेट एयरवेज के सीईओ ने बताया कि यह फैसला आसान नहीं था. उन्होंने कहा कि फंड के लिए हर संभव कोशिश की गई लेकिन कोई रिजल्ट निकलकर नहीं आ पाया. उन्होंने कहा कि हमने अंतरिम फ़ंडिंग के लिए बार-बार अपील की लेकिन कुछ नहीं हुआ. सूत्रों के मुताबिक जेट के कर्मचारियों को घर से काम करने को कहा गया है. सिर्फ HOD और कुछ स्टाफ जो क्रिटिकल ऑपरेशंस को डील करते हैं वहीं ऑफिस आएंगे. हालांकि अस्थाई तौर पर ऑपरेशन बंद करने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. मंगलवार को समाचार एजेंसी पीटीआई ने नागरिक उड्डयन सचिव प्रदीप सिंह खारोला के हवाले से बताया था कि कंपनी फिलहाल केवल पांच विमानों का परिचालन कर रही है.

इससे पहले संकट में घिरे दिग्गज शराब कारोबारी विजय माल्या ने बुधवार को जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल के साथ एकजुटता प्रकट की. इसके साथ ही उन्होंने भारतीय बैंकों से लिए गए ऋण को लौटाने की अपनी पेशकश भी दोहरायी. करीब 9,000 करोड़ रुपये की वित्तीय धोखाखड़ी एवं धनशोधन के आरोपों का सामना कर रहे कारोबारी माल्या ने दावा किया कि भारत सरकार निजी विमानन कंपनियों के साथ भेदभाव कर रही है. उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने सरकारी एयरलाइन एयर इंडिया को सहायता राशि दी, जबकि किंगफिशर एयरलाइन एवं अब जेट एयरवेज को संकट से उबारने में सरकार ने मदद नहीं की.

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