कुलभूषण जाधव मामला:इंटरनेशनल अदालत ने पकिस्तान को दिए 3 आदेश

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पाकिस्तान की जेल में कैद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव के मामले में भारत की राजनयिक जीत हुई है. नीदरलैंड के हेग में इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (आईसीजे) ने बुधवार को जाधव की फांसी की सजा पर रोक को बरकरार रखा. इसी के साथ कोर्ट ने पाकिस्तान से सैन्य अदालत के इस फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए भी कहा. आईसीजे ने मामले में पाकिस्तान की तमाम आपत्तियों को खारिज कर दिया. अदालत ने पाकिस्तान के इस तर्क को भी खारिज कर दिया कि भारत ने जाधव की वास्तविक नागरिकता की जानकारी नहीं दी है.अंतरार्ष्ट्रीय न्याय अदालत ने अपने फैसले में पाकिस्तान को तीन अहम आदेश दिए हैं।

1- मौत की सजा की करें समीक्षा

नीदरलैंड के हेग स्थित अंतरार्ष्ट्रीय न्याय न्यायालय (आईसीजे) ने पाकिस्तान से कहा है कि वह भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को दी गई मौत की सजा की समीक्षा करे। जाधव को पाकिस्तान ने भारतीय जासूस बताते हुए मौत की सजा सुनाई हुई है। पाकिस्तान का कहना है कि वह आतंकी गतिविधि में शामिल थे। जबकि भारत ने इसे गलत बताते हुए इसके खिलाफ आईसीजे में अपील की जिसमें आज (बुधवार को) भारत को बड़ी जीत मिली जब आईसीजे ने पाकिस्तान से जाधव की सजा पर पुनर्विचार के लिए कहा।

2- जाधव को मिले कांसुलर एक्सेस

आईसीजे ने जाधव तक राजनयिक पहुंच दिए जाने की भारत की मांग के पक्ष में फैसला सुनाया है। अब भारतीय उच्चायोग जाधव से मुलाकात कर सकेगा और उन्हें वकील और अन्य कानूनी सुविधाएं दे पाएगा।

3- पाक ने किया विएना संधि का उल्लंघन

नीदरलैंड के हेग स्थित अंतरार्ष्ट्रीय न्याय न्यायालय (आईसीजे) ने बुधवार को भारत की याचिका में उठाए गए अधिकांश मुद्दों को सही ठहराया। आईसीजे ने इस मामले में पाकिस्तान को लताड़ भी लगाई है। अदालत ने कहा कि पाकिस्तान ने कुलभूषण जाधव को उनके अधिकारों से अवगत नहीं कराया और ऐसा कर उसने वियना संधि के प्रावधानों का उल्लंघन किया है।

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