संकट में बीजेपी ने मुझे अकेला छोड़ दिया-चिराग पासवान

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चाचा पशुपति पारस से सियासी लड़ाई लड़ रहे चिराग पासवान के मन का एक और मलाल बाहर आया है। अंग्रेजी अखबार द हिंदू को दिए खास इंटरव्यू में चिराग पासवान ने इस बात का खुलकर जिक्र किया है। पीएम मोदी के ‘हनुमान’ चिराग पासवान को इस बात का दर्द है कि संकट में बीजेपी ने उन्हें अकेला छोड़ दिया। लोकसभा सांसद चिराग पासवान ने द हिंदू को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि बीजेपी ने लगता है कि मेरा साथ छोड़ दिया है, क्योंकि बीजेपी के किसी भी नेता ने मुझसे कोई संपर्क नहीं किया है. यह हमारे लिए दुख की बात है, क्योंकि मेरे पिता ने पूरे दिल से बीजेपी और प्रधानमंत्री का समर्थन किया था. राम मंदिर, सीएए से लेकर अनुच्छेद 370 हटाने और तीन तलाक के मुद्दे पर हम सरकार के साथ थे जबकि जेडीयू इन सभी मुद्दों पर उनके साथ नही थी. चिराग ने कहा कि संकट की इस घड़ी में जब मुझे उनकी (बीजेपी) जरूरत थी और मुझे उम्मीद थी कि वे कम से कम मेरा साथ देंगे, लेकिन किसी ने कोई संपर्क नहीं किया।

वहीँ दूसरी तरफ पत्र लिखकर एक ओर पार्टी में टूट का जेडीयू और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जिम्मेदार बताया. वहीं, चाचा पशुपति पारस पर विश्वासघात करने का आरोप भी लगाया. चिराग ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर अपना पत्र जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ साझा किया है. पत्र में चिराग ने लिखा, ” जनता दल (यूनाइटेड) ने हमेशा लोक जनशक्ति पार्टी को तोड़ने का काम किया. 2005 फरवरी के चुनाव में हमारे 29 विधायकों को तोड़ा गया और साथ ही साथ हमारे बिहार प्रदेश के अध्यक्ष को भी तोड़ने का काम किया गया. उसके बाद 2020 में जीते हुए एक विधायक को भी तोड़ने का काम जेडीयू ने किया. आज लोक जनशक्ति पार्टी के 5 सांसदों को तोड़ जनता दल (यूनाइटेड) ने अपनी बांटो और शासन करो की रणनीति को दोहराया है.
मुझे लगता है कि उन्होंने मुझे छोड़ दिया है। बीजेपी से किसी ने भी मुझसे संपर्क नहीं किया है। यह दुख की बात है, क्योंकि मैंने और मेरे पिता रामविलास पासवान ने पूरे दिल से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के वरिष्ठ नेतृत्व का तब समर्थन किया जब कोई भी नरेंद्र मोदी जी से हाथ मिलाने को तैयार नहीं था। जब नीतीश ने BJP का साथ छोड़ा तो मेरे पिता हीथे जो राम मंदिर हो, अनुच्छेद 370, सीएए और तीन तलाक पर BJP के साथ खड़े थे।

 

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