गिर सकती है कमलनाथ सरकार ,भाजपा में शामिल हो सकते हैं सिंधिया

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भोपाल:मध्य प्रदेश में पिछले सप्ताह शुरू हुए राजनीतिक उठापटक का दूसरा हिस्सा आज शुरू हुआ। 26 मई को होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के 6 मंत्री सहित 17 विधायक बेंगलुरु पहुंच गए। ये सभी लोग ज्योतिरादित्य सिंधिया गुट के बताए जा रहे हैं। सरकार के संकट में आने की खबर मिलते ही सोनिया गांधी से दिल्ली में मुलाकात कर मुख्यमंत्री कमलनाथ तुरंत भोपाल पहुंच गए और वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के साथ देर शाम उनकी मीटिंग हुई।संकट दूर करने में जुटी कांग्रेस की ओर से संकेत मिल रहे हैं कि ज्योतिरादित्य को राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाकर पार्टी इस मसले का समाधान निकाल सकती है।

ज्योतिरादित्य सिंधिया अभी दिल्ली में हैं। वे आधे घंटे के लिए अपने आवास से अकेले बाहर निकले थे। सूत्रों ने बताया कि सिंधिया ने सचिन पायलट से मुलाकात की। बताया जा रहा है कि सिंधिया सोनिया गांधी से भी मुलाकात कर सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस मध्य प्रदेश का संकट को टालने के लिए कांग्रेस ज्योतिरादित्य सिंधिया को प्रदेश अध्यक्ष या राज्यसभा सदस्य बना सकती है।सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली में अमित शाह के आवास पर मध्य प्रदेश भाजपा नेताओं की बैठक चल रही है। इसमें नरेंद्र सिंह तोमर और शिवराज सिंह मौजूद हैं। बताया जा रहा है कि शिवराज सिंह चौहान को बैठक में विधायक दल का नेता चुना जा सकता है। इस बीच, मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन ने छुट्टियां कैंसल कर दी हैं। वे मंगलवार को भोपाल लौट रहे हैं। वे 5 दिन के लिए लखनऊ गए हुए थे।

मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, महेंद्र सिंह सिसोदिया, तुलसी सिलावट, इमरती देवी, गोविंद सिंह राजपूत और प्रभुराम चौधरी बेंगलुरु गए हैं। भास्कर ने जब सभी को फोन लगाया तो इनके फोन बंद मिले। राजवर्धन सिंह, ओपीएस भदौरिया, जसवंत जाटव, बिजेंद्र यादव, जसपाल जज्जी, रणवीर जाटव, कमलेश जाटव, रक्षा सिरोनिया, मुन्ना लाल गोयल, रघुराज कंषाना और सुरेश धाकड़ से भी संपर्क नहीं हो पा रहा है। बेंगलुरु के बाहरी इलाके में स्थित एक रिसॉर्ट में विधायकों को ठहराया गया है। यहां 400 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, कुछ विधायक दिल्ली में हैं।मध्य प्रदेश के सियासी संकट को लेकर सोनिया गांधी और पार्टी हाईकमान के तमाम नेताओं से चर्चा करने सीएम कमलनाथ सोमवार सुबह ही दिल्ली पहुंचे थे, लेकिन सिंधिया खेमे की बगावत के बाद उन्हें तुरंत भोपाल लौटना पड़ा. हालांकि इस बीच कमलनाथ और सोनिया गांधी के बीच करीब 20 मिनिट चर्चा हुई. अबतक तमाम समस्याओं के बीच खड़ी रही कमलनाथ सरकार इस संकट से कैसे पार पाती है यह तो वक्त ही बताएगा.

वहीँ सूत्र यह भी बता रहे हैं की कल सिंधिया की भाजपा नेता से मुलाक़ात हुई थी जिसके लिए सोनिया गाँधी ने पहले ही मना किया था ,ऐसे में सिंधिया भाजपा का दामन थाम सकते हैं और वह राज्य सभा के लिए भाजपा की तरफ से उम्मीदवार हो सकते हैं। इस दावे में दम इस लिए भी देखने को मिल रहा है चूँकि जितने भी एमएलए बगावत करते नज़र आ रहे हैं सब सिंधिया खेमे से ही हैं।

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