पीएम मोदी के खिलाफ प्रियंका को चुनाव लड़ा सकती है कांग्रेस,तैयारी शुरू

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नई दिल्ली:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कांग्रेस इस बार वाराणसी में घेरने की तैयारी कर रही है। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव और पूर्वी यूपी की प्रभारी प्रियंका गांधी, पीएम मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ सकती हैं। प्रियंका गांधी ने इसे लेकर अपनी सहमति भी जता दी है। सूत्रों के अनुसार प्रियंका गांधी के चुनाव लड़ने पर अंतिम फैसला उनके भाई और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी लेंगे। अगर राहुल प्रियंका के वाराणसी से चुनाव लड़ने पर मुहर लगा देतें हैं, तो वाराणसी में पीएम मोदी की मुश्किलें निश्चित तौर पर बढ़ेंगी। ऐसे में यहां काटे का मुकाबला देखने को मिल सकता है।

दरअसल पिछले लोकसभा चुनाव में मोदी लहर के बावजूद उनके जीत के अंतर को देखते हुए पार्टी के रणनीतिकार सक्रीय हो गए हैं. उनका तर्क है कि जैसे राहुल को अमेठी में बीजेपी घेर रही है, उसी तरह मोदी को वाराणसी में घेरा जाए. हालांकि इस बारे में अभी आखिरी फैसला नहीं हो पाया है. बताया जा रहा है कि कांग्रेस इस फैसले से पहले सपा-बसपा से बातचीत कर उनसे इस सीट पर समर्थन की मांग करेगी.बता दें कि इस साल फरवरी में जब से प्रियंका गाधी को कांग्रेस पार्टी का महासचिव और पूर्वी यूपी की कमान दी गई है, तब से ही कार्यकर्ता उन्हें चुनाव लड़ाने की मांग कर रहे हैं. अभी तक कांग्रेस ने प्रियंका को कोई सीट नहीं दी है और कयास लगाए जा रहे थे कि शायद पीएम मोदी को घेरने के लिए कांग्रेस उन्हें वाराणसी सीट से उतार सकती है.
बनारस में बाबा काशी विश्वनाथ के मंदिर दर्शन भी किए, शहीदों के परिजनों से भी मिलीं और रोड शो किया. इसके बाद कयास लगे कि क्या प्रियंका लोकसभा चुनाव लड़ेंगी? सूत्रों की मानें तो प्रियंका खुद सीधे प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ बनारस से चुनाव लड़ने पर गंभीरता से विचार कर रही हैं.प्रियंका के करीबी सूत्रों ने आजतक से कहा कि, पिछले चुनाव में मोदी के सामने आप,सपा, बसपा, कांग्रेस चुनाव लड़ी थी. 2014 में मोदी के पक्ष में हवा थी, नरेंद्र मोदी अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल से 3,71,784 वोटों के अंतर से जीते. नरेंद्र मोदी को कुल 5,81,022 वोट मिले. वहीं, दूसरे स्थान पर अरविंद केजरीवाल को 2,09,238 मत मिले.

गौरतलब है कि पिछले दिनों प्रियंका ने चुनाव लड़ने के संबंध में कहा था कि पार्टी का फैसला उन्हें मंजूर होगा। इसके बाद से ही अटकलों का बाजार गर्म हो गया था। राहुल गांधी ने भी इसे लेकर इतना ही कहा था प्रियंका चाहेंगी तो इस पर विचार किया जाएगा। कयास हैं कि कांग्रेस दूसरे चरण के मतदान के नामांकन की अंतिम तारीख को प्रियंका का नाम फाइनल कर भाजपा को चौंका सकती है।हालांकि प्रियंका ने कई मौकों पर वाराणसी से चुनाव लड़ने बात से कभी साफ इनकार नहीं किया है। रायबरेली में जब पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनसे चुनाव लड़ने की बात की थी तब भी उन्होंने वाराणसी का नाम लेकर टाल दिया था।

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