मुहर्रम और दुर्गा पूजा के एक ही समय में होने से प्रशासन की नींद उड़ी,मुस्लिम नेताओं का ले रहे हैं सहारा

0
120

नई दिल्ली :मुहर्रम का महीना शुरू हो चूका है ,मुसलामनों ने लोगों ने मुहर्रम के जुलुस और उस से संबंधित चीज़ों की तैयारियां शुरू कर दी हैं। चूँकि इस बार भी मुहर्रम और दुर्गा पूजा एक ही समय में हो रहा है इस लिए सरकार और प्रशासन की नींद उडी हुई है ,ऐसे में विभिन्न कमिटियों और नेताओं की तरफ से आपसी सौहार्द बनाए रखने और प्रेम की भावना क़ाएम रखने की अपील की जाए तो उस को किसी दूसरी नज़र से नहीं देखा जाना चाहिए। मुहर्रम से पहले तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व ने मुस्लिमों से कहा है कि वे ताजिया निकाले जाते वक्त तलवारों और लाठियों के प्रदर्शन से परहेज करें. पार्टी के दो सांसद इदरीस अली और एएच इमरान बुधवार को कोलकाता में अल्पसंख्यक समुदाय के नेताओं से मिले.

दोनों सांसदों ने इस मौके पर मुहर्रम को इस तरह मनाने की अपील की कि किसी दूसरे समुदाय की भावनाएं ‘आहत’ ना हों. ऑल इंडियन माइनॉरिटी फोरम की ओर से आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इदरीस अली ने कहा, ‘हम अपने मुस्लिम भाइयों से अपील करते हैं कि वे हर साल की तरह ही मुहर्रम मनाएं लेकिन साथ ही इसकी गंभीरता का भी पूरा ध्यान रखें. ये तलवारों और लाठियों के प्रदर्शन का मौका नहीं है. इस्लाम इसकी इजाज़त नहीं देता.इदरीस अली ने कहा, ‘लोगों को मुहर्रम मनाते वक्त शरीयत का पालन करना चाहिए. एक पार्टी दंगे कराने की कोशिश कर रही है. हम क्यों उन्हें ऐसा अवसर दें?’इदरीस अली ने राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को साम्प्रदायिक सौहार्द की प्रतीक बताया.

सांसद ने याद दिलाया कि ‘पिछले साल कैसे ममता बनर्जी ने हिंदू समुदाय से अपील की थी कि दुर्गा पूजा विसर्जन को कुछ देर के लिए स्थगित रखें क्योंकि मुहर्रम भी उसी दिन पड़ रहा था. इस साल मुस्लिम समुदाय को शांति बनाए रख कर उस सकारात्मकता को दोहराना चाहिए.सांसद इदरीस अली जैसे ही पार्टी के बीरभूम जिला अध्यक्ष अनुव्रत मंडल ने कहा. ‘मुहर्रम को वैसे ही मनाया जाना चाहिए जैसे कि दुर्गा विसर्जन पर किया जाता है. हमने मुहर्रम को शांति के साथ मनाने की अपील की है और हम सब भी इसमें हिस्सा लेंगे.

वहीँ दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में तृणमूल कांग्रेस नेता ने मुस्लिमों से मुहर्रम के जुलूस में तलवार-लाठियों का इस्तेमाल न करने की अपील की।पार्टी के बीरभूम जिला अध्यक्ष अनुव्रत मंडल ने सोमवार को कहा, ‘मुहर्रम को वैसे ही मनाया जाना चाहिए जैसे कि दुर्गा विसर्जन पर किया जाता है। हमने मुहर्रम को शांति के साथ मनाने की अपील की है और हम भी इसमें हिस्सा लेंगे।मंडल ने कहा, ‘उनके धर्म में तलवार या लाठियों का कोई इस्तेमाल नहीं है. ये बहुत मुकद्दस (पवित्र) धर्म है, जो दुनिया को अच्छा संदेश देता है। यहां एक भी मौलवी ने लाठियों के इस्तेमाल (मुहर्रम के दौरान) के बारे में नहीं बोला है।’

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here