कांग्रेस राजद गठबंधन से नितीश के पेट में दर्द ,राहुल पर दिया बड़ा बयान

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पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लालू यादव की पार्टी राजद के साथ गठबंधन करने के लिये कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाधी पर सोमवार को निशाना साधते हुए कहा कि अगर वे ऐसे लोगों से ‘कंप्रोमाइज’ नहीं करते तो उनकी प्रतिष्ठा और बढ़ती. पटना के एक अणे मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास में आयोजित लोकसंवाद के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान कल यहां आयोजित कांग्रेस की जन आकांक्षा रैली के दौरान राहुल के वक्तव्य पर प्रतिक्रया व्यक्त करते हुए कहा कि वे अध्यादेश फाड़ने वाले व्यक्ति हैं और आज भ्रष्टाचार करने वाले वैसे लोगों से ही इनलोगों ने समझौता किया है, जिन्हें कोर्ट से सजा मिली हुई है. यदि वे ऐसे लोगों से समझौता नहीं करते तो उनकी प्रतिष्ठा और बढ़ती. राहुल के लिए भ्रष्टाचार अब कोई मुद्दा नहीं है। राहुल गांधी ने अपनी महिमा खुद ही समाप्त कर दी। उन्होंने आगे कहा कि भ्रष्टाचार के मुद्दे पर अध्यादेश फाड़ने वाले राहुल गांधी ने आज उन्हीं लोगों से समझौता कर लिया है। कोलकाता में ममता बनर्जी के धरने पर बैठने के सवाल पर कहा कि जो यह सब कर रहा है, वही जवाब भी देगा। सबका काम करने का अपना अपना तरीका है। एक महीने में देश मे कुछ भी हो सकता है, चुनाव का मौसम है। देश की किसी को नहीं है चिंता। सबको वोट की चिंता है। राज्य के सीएम यहां लोकसंवाद कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।बता दें की नितीश कुमार इस पहले खुद राजद के साथ सरकार में थे और अब कांग्रेस पर इस प्रकार का ब्यान देना उनके लिए सोभा नहीं देता।
राहुल गांधी के केंद्र के सत्ता में आने पर हर गरीब परिवार को न्यूनतम आमदनी की गारंटी के वादे के बारे में सीएम नीतीश ने कहा कि चुनाव आने वाला है इसलिए लोग कुछ भी वादा कर सकते हैं. कांग्रेस अध्यक्ष के अपनी पार्टी के केंद्र में सत्ता में आने पर पटना विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिये जाने के वादे पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए नीतीश ने सवालिया लहजे में कहा कि कांग्रेस के जमाने में और जब 10 वर्षों तक संप्रग का शासन रहा तब यह काम क्यों नहीं संभव हो सका. उन्होंने कहा, ‘‘सांसद रहते हमने इस मुद्दे को कई बार उठाया, लेकिन किसी ने संज्ञान नहीं लिया’ नीतीश ने कहा कि अभी कुछ ही दिन पहले एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पटना विश्वविद्यालय में आये थे तो हमने सुझाव दिया था, जिसको देखते हुए राहुल गांधी चुनावी फायदे के हिसाब से इस तरह की बात कर रहे हैं.

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