ANSWER KEY चैलेंज के नाम पर यूजीसी ने छात्रों को बेवकूफ़ बनाया !

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नई दिल्ली :अक्सर ऐसा देखा गया है की छात्रों को सिस्टम के नाम पर अपना समय और अपनी उपलब्धियों को खोना पड़ जाता है ,समय रहते सिस्टम अपना काम नहीं करता जिस के कारण छात्रों को आगे का निर्णय लेने और कुछ करने का मौक़ा भी चूक जाता है। आपको मालूम होगा की पिछले दिनों जूनियर रिसर्च फेलोशिप और सहायक प्रोफेसर के लिए हुए यूजीसी नेट, दिसंबर 2018 का रिजल्ट जारी किया गया है। परीक्षार्थी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की वेबसाइट ntanet.nic.in पर रिजल्ट देख सकते हैं। बता दें कि देशभर में 18 से 22 दिसंबर तक आयोजित हुए यूजीसी नेट में 681930 अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था। एनटीए इस साल से पहली बार यूजीसी नेट का आयोजन कर रही है। इससे पहले केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा समिति (सीबीएसई) इस एग्जाम का आयोजन कराती थी। पहली बार ऑनलाइन 85 विषयों में आयोजित होने वाली परीक्षा के लिए कुल 956837 अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। 681930 अभ्यर्थियों ने दोनों पत्रों की परीक्षा दी, जिनमें से सहायक प्रोफेसर के लिए 44001 तथा जेआरएफ व सहायक प्रोफेसर के लिए 3883 अभ्यर्थी सफल घोषित हुए।
लेकिन इस बीच सब से बड़ा प्रश्न यह है की क्या टेस्टिंग एजेंसी ने उन समस्त प्रकृया का अनुपालन किया है जो छात्रों के सामने रखे गए थे ?, पहली बात तो यह रही के पहले यह नोटिफिकेशन जारी किया गया था की दस जनवरी को रिजल्ट जारी किया जाएगा ,लेकिन टेस्टिंग एजेंसी ने पांच तारीख को ही रिजल्ट जारी कर दिया ,यह कोई बड़ा मसला नहीं लेकिन फिर भी बड़ी संस्था के लिए अहम ज़रूर है। हैरान कर देने वाली बात यह है की टेस्टिंग एजेंसी ने छात्रों को पहले समय दिया की आप को अगर ऐसा लगता है ANSWER KEY में कोई जवाब गलत है तो आप उसको 29 दिसंबर 2018 से जनवरी 2019 की पहली तारीख के बीच में चैलेंज कर सकते हैं।

चैलेंज करने वाले छात्रों के सामने यह शर्त रख दी गई की आपको प्रति प्रश्न के हज़ार रूपए अदा करने होंगे ,और अगर जवाब सही निकला तो पैसा वापस कर दिया जाएगा। बड़ा और महत्वपूर्ण प्रश्न यह उठता है की जिन छात्रों ने दो दो और तीन तीन हज़ार रूपए जमा कर के ANSWER KEY को चैलेंज किया था उनको क्या मिला?चूँकि एजेंसी ने तो रिजल्ट जारी कर दिया है और उन छात्रों के बारे में कहीं कुछ भी नहीं बताया जिन्होंने चैलेंज किया था। चैलेंज करने वाले छात्रों को उम्मीद थी के जांच के बाद साथ में हमारा रिजल्ट भी जारी किया जाएगा ,लेकिन रिजल्ट तो सब का जारी कर दिया गया है पर उन छात्रों को कोई जवाब ,मेल ,नोटिफिकेशन नहीं भेजा गया है जिन्होंने पैसे खर्च कर ANSWER KEY को चैलेंज किया था।


होना तो यह चाहिए था की पहले उन छात्रों के चैलेंज का जवाब दिया जाता ,और अगर उनका जवाब सही था तो उसके साथ उन छात्रों का अंक जोड़ कर और पैसे लौटा कर उनका रिजल्ट जारी किया जाता लेकिन ऐसा अब तक कुछ भी नहीं हुवा है और ना ही होने की कोई उम्मीद नज़र आ रही है। जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी के छात्र इरशाद अहमद ,शाहनवाज़ अंसारी और जामिया मिल्लिया इस्लामिया से अमीर हसन और जावेद अहमद इत्यादि ने ANSWER KEY को चैलेंज किया था ,किसी ने चार हज़ार तो किसी ने दो और एक हज़ार रूपए का चलान जमा किया था ,इन सभी छात्रों का कहना है की हमने ANSWER KEY को चैलेंज किया था ,और हमें यूजीसी की तरफ से और न ही टेस्टिंग एजेंसी की तरफ से कोई जवाब आया है और दूसरी तरफ हमारा रिजल्ट भी आउट कर दिया गया है ,हम यह जानना चाहते हैं की क्या यह सिर्फ चैलेंज के नाम पर यूजीसी छात्रों से पैसे ठग रही है ,या अब भी कोई उम्मीद रखी जा सकती ,अगर हाँ रखी जा सकती है तो किस आधार पर ,चूँकि ना ही यूजीसी ने और ना ही टेस्टिंग एजेंसी इस पर अब तक किसी भी प्रकार का नोटिफिकेशन जारी किया है और ना ही आश्वासन दिया गया है। छात्रों का कहना है की यूजीसी ने ANSWER KEY चैलेंज के नाम पर छात्रों को बेवक़ूफ़ बना रही है और पैसे ठग रही है।

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