राजभर को मिली बड़ी सजा,योगी ने छीन ली मंत्रालय की कुर्सी

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नई दिल्ली :लोकसभा चुनाव के नतीजों से पहले और एग्जिट पोल के बाद देश की राजनीति में हलचल मचना शुरू हो गई है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल राम नाईक से उनके मंत्रिमंडल में शामिल ओमप्रकाश राजभर को बर्खास्त करने की सिफारिश कर दी है. इस फैसले का खुद ओमप्रकाश राजभर ने स्वागत किया है.सीएम योगी की सिफारिश को मंजूर कर लिया गया है. बीजेपी और योगी सरकार ने राजभर से अलग होने का मन पूरी तरह से बना लिया है. राजभर पिछड़ा वर्ग कल्याण और दिव्यांग जन कल्याण मंत्रीथे .
इसके अलावा राजभर की पार्टी के अन्य सदस्य जो विभिन्न निगमों और परिषदों में अध्यक्ष व सदस्य हैं सभी को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है. आपको बता दें कि राजभर ने पहले भी इस्तीफे की पेशकश की थी लेकिन मुख्यमंत्री ने उनका इस्तीफा मंजूर नहीं किया था.बीजेपी द्वारा आम चुनावों में ‘सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी’ को उत्तर प्रदेश की एक भी सीट नहीं दिए जाने के बाद राजभर ने योगी सरकार से इस्तीफा दे दिया था. पार्टी ने इसके बाद 36 सीटों पर अपने उम्मीदवारों को चुनावी मैदान में उतारा. सातवें चरण के चुनाव प्रचार के दौरान राजभर घोसी संसदीय क्षेत्र की एक सभा में तो वह भाजपा को गाली देते हुए नजर आए. इस मामले में उन पर मुकदमा भी दर्ज हुआ है. भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि अब तो हद हो गई.

काफी समय से राजभर अपने विवादस्पद बयानों और हरकतों को लेकर योगी सरकार के लिए लगातार मुसीबत बने हुए थे। ऐसे में सीएम योगी आदित्यनाथ को उन्हें पद से हटाने के लिए राज्यपाल की मदद लेनी पड़ी है। सीएम ऑफिस की तरफ से ट्वीट इसकी आधिकारिक जानकारी दी गई। सीएम ऑफिस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया, ‘योगी आदित्यनाथ ने महामहिम राज्यपाल को पिछड़ा वर्ग कल्याण और दिव्यांग जन कल्याण मंत्री ओमप्रकाश राजभर को मंत्रिमंडल से तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करने की सिफारिश की।हालांकि इस पर ओमप्रकाश राजभर का कहना है, ‘मैंने तो पहले ही अपना इस्तीफा दे दिया था, अब उनका जो मन हो वह करें। वह कह रहे थे कि हम उनकी पार्टी से चुनाव लड़ें, ऐसा करने पर तो हमारी पार्टी का अस्तित्व खत्म हो जाता। जिस विचार को लेकर हम आगे बढ़ रहे हैं, वह खत्म हो जाता।

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