ओवैसी का सवाल ,अमित शाह कब बदलेंगे अपना नाम ??

0
46

नई दिल्ली :विभिन्न राज्यों में भाजपा की सरकारों के द्वारा नाम बदलने की कवायद पर जाने-माने इतिहासकार इरफान हबीब ने टिप्पणी की है। हबीब ने कहा है कि पार्टी को पहले उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का नाम बदलना चाहिए। उनका तर्क है ,”​उनका उपनाम ‘शाह’ फारसी मूल का है, ये गुजराती शब्द नहीं है।अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में प्रोफेसर 87 वर्षीय इरफान हबीब ने कहा,”यहां तक कि गुजरात शब्द का उद्भव फारसी भाषा से हुआ है। पहले इसे ‘गुर्जरात्र’ कहा जाता था। उन्हें इसे भी बदलना चाहिए।नाम बदलने की मुहिम को पाकिस्तान में गैर इस्लामिक चीजों को हटाने की कवायद से जोड़ते हुए हबीब ने कहा,बीजेपी की नाम बदलने की मुहिम आरएसएस के हिंदुत्व एजेंडे के मुताबिक है. यह बिलकुल हमारे पड़ोसी पाकिस्तान की तरह है. वहां हर गैर इस्लामिक चीजों को हटा दिया गया है. यहां भी दक्षिणपंथी और BJP हर गैर हिंदू चीज को हटा देना चाहते हैं.इसी सिलसिले में एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने बीजेपी अध्यक्ष पर सवाल दागते हुए पूछा कि शाह अपना नाम कब बदल रहे हैं। बता दें कि बीजेपी सरकार द्वारा यूपी के शहरों के नाम बदले जाने को लेकर विपक्ष पहले से ही सरकार पर हमलावर है।

ओवैसी ने एक जनसभा के दौरान कहा, ‘यूपी में शहरों के नाम बदले जा रहे हैं। इलाहाबाद का नाम बदल दिया, आगरा का नाम बदला जा रहा है, फैजाबाद का नाम बदल दिया गया।’ उन्होंने आगे कहा, ‘अमित शाह अपना नाम कब बदल रहे हैं। शाह तो फारसी शब्द है।वैसे बता दें कि कई भाषा विज्ञानी मानते हैं कि शाह शब्द का मूल फारसी से है जिसका ​​अर्थ राजा होता है। शाह उपनाम भारत में अधिकतर सैय्यद मुस्लिमों के द्वारा लगाया जाता है। लेकिन शाह शब्द संस्कृत भाषा के शब्द साधु से भी आता है, जिसका अर्थ भला व्यक्ति होता है। भारत में शाह उपनाम का इस्तेमाल अधिकतर कारोबारी समुदाय जैसे वैश्य समुदाय करता है। इसके अलावा शाह/साह उपनाम गुजरात, राजस्थान और यूपी में जैन और वैष्णव भी करते हैं। शाह उपनाम दिल्ली, हरियाणा, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र का जैन समुदाय भी इस्तेमाल करता है। कुछ भाषा विज्ञानी मानते हैं कि शाह शब्द का मूल हिंदी के शब्द साहूकार से आता है। साहूकार शब्द का अर्थ पैसे का लेन-देन करने वाला होता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here